बहुचर्चित गैंगस्टर आनंदपाल सिंह एनकाउंटर केस की जांच करने के लिए सीबीआई राजी हो गई है। सीबीआई आनंदपाल एनकाउंटर के साथ—साथ उसकी श्रद्धांजली सभा के दौरान हुए उपद्रव और फायरिंग में गोली लगने से मारे गए सुरेंद्र सिंह की मौत की जांच भी करेगी।
केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब सीबीआई जल्द ही इन प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कर जांच अधिकारी नियुक्त करेगी और अपनी जांच शुरू करेगी। नोटिफिकेशन के अनुसार 25 जून को चूरू जिले के रतनगढ़ थाने में दर्ज आनंदपाल एनकाउंटर से संबंधित एफआईआर के साथ सांवराद में श्रद्धांजली सभा के दौरान 12 जुलाई को हुए हिंसक उपद्रव मामले में राजपूत नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा उपद्रव के दौरान गोली लगने से हुई सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले की जांच सीबीआई करेगी।
गौरतलब है कि सुरेंद्र सिंह के संबंध में 18 जुलाई को जयपुर के अशोक नगर थाने में प्रकरण में दर्ज बिना नंबर की एफआईआर हुई है। जबकि सांवराद की घटना से संबंधित दोनों एफआईआर नागौर के जसवंतगढ़ थाने में दर्ज करवाई गई थी।
पहले सीबीआई ने किया था मना
हुंकार रैली में जुटे हजारों राजपूत
- फोटो : File photo
गौरतलब है कि आनंदपाल एनकाउंटर से उपजे विवाद के बाद राजपूत समाज ने सीबीआई से एनकाउंटर की जांच करवाने की मांग की थी। समझौते के मुताबिक राज्य सरकार ने 24 जुलाई को पहली बार तीनों एफआईआर की जांच सीबीआई से कराने के लिए केंद्र सरकार को भेजी थी।
सीबीआई की ओर से 15 नवंबर को हाईकोर्ट में एनकाउंटर को जांच के योग्य नहीं मानते हुए अनुसंधान करने से इनकार कर दिया गया था। तब फिर से राज्य सरकार ने 17 दिसंबर को केंद्र सरकार को पत्र लिखा। 22 दिसंबर को केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की सिफारिश मानते हुए सीबीआई जांच करवाने पर सहमति दी और नोटिफिकेशन जारी किया गया।
वहीं, इस जांच में सांवराद में हुए उपद्रव से संबंधित जांच भी सीबीआई को देने से राजपूत समाज के कुछ नेताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया था। इस संबंध में राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय पदाधिकारी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने सीबीआई जांच का विरोध किया था।