जयपुर के स्पेशल आॅपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सोमवार को राजस्थान विश्वविद्यालय और बीकानेर विश्वविद्यालय की विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें राजस्थान विश्वविद्यालय के ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के एचओडी प्रो. जे.पी. जाट व रिटायर प्रोफेसर, तीन लेक्चरर्स सहित आठ जनों को एसओजी ने गिरफ्तार किया है और तीन मुकदमे दर्ज किए हैं।
एसओजी ने राजस्थान विश्वविद्यालय के ज्योग्राफी विभाग के विभागाध्यक्ष, विभिन्न कॉलेजों के कई व्याख्याताओं समते आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए जयपुर समेत राजस्थान के कई जिलों में छापे मारे गए। एसओजी को पिछले दिनों इस संबंध में आॅनलाइन एक शिकायत मिली थी। जिसकी जांच की तो वह सही पाई गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी ने कई टीमें बनाई और एक साथ कई जिलों में छापे मारे। धर-पकड़ की ये कार्रवाई सुबह से शुरू हुई जो शाम तक चली।
एसओजी के एडीजी उमेश मिश्रा के अनुसार, पेपर लीक मामले में राजस्थान विवि ज्योग्राफी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जे.पी. जाट, कॉमर्स कॉलेज के परीक्षा कन्वीनगर गोविन्द पारीक, गोवर्नमेंट कॉलेज खाजूवाला के प्राचार्य प्रोफेसर एनएस मोदी एवं उनके पुत्र निपुण मोदी, एसएसजी पारीक कॉलेज चौमूं के शम्भुदयाल झालानी, अग्रसेन कॉलेज भादरा के कालीचरण शर्मा, रमेश बुक डिपो का कर्मचारी शरद, रिटायर्ड प्रोफेसर बी.एल. गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई आईजी दिनेश एमएन और एसपी संजय श्रोत्रिय के निर्देश में हुई। एसओजी की टीमों ने जब धरपकड़ की तो आरोपियों के परिजनों को भी इस बात की जानकारी नहीं दी गई कि वे कौन हैं। केवल जांच एजेंसी के अधिकारी होने की बात कहकर इन आरोपियों को उठाया गया। इसके चलते शहर में एक साथ कई लोगों के अपहरण की अफवाह फैल गई।
एसओजी ने इस मामले में राजस्थान यूनिवर्सिटी में जियोग्राफी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जे.पी. जाट को उनके मालवीय नगर में मॉडल टाउन स्थित शिव शक्ति नगर स्थित मकान से सुबह ही पकड़ लिया था। सुबह पांच—छह लोग प्लॉट देखने के बहाने प्रोफेसर जाट के घर पहुंचे और उन्हे बातचीत के बहाने नीचे बुलाया। इसके बाद उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाकर ले गए। इस दौरान जाट के बेटे राहुल के कमरे में रखा लेपटॉप, परीक्षा कॉपियों से जुड़े कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए।
जयपुर में दूसरी कार्रवाई मानसरोवर में हुई। यहां से शहर के प्रमुख पब्लिशर रमेश बुक डिपो के कर्मचारी शरद को उठाया है। तीसरी कार्रवाई चौमूं कालाडेरा में हुई। यहां से शंभुदयाल को गिरफ्तार किया।