राजस्थान की भाजपा सरकार ऐसा बिल लाने की तैयारी में है, जिसके तहत धर्म परिवर्तन करने से पहले संबंधित जिला कलक्टर की अनुमति लेनी होगी। अब भाजपा राज में राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2008 को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल सकती है।
राजस्थान की भाजपा सरकार ने कुछ माह पहले ही इस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा है। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट भी केंद्र को भेजी है। जिसमें बिल को पूरी तरह से संविधान के अनुरूप होना बताया है। इसके अलावा एटार्नी जनरल की आपत्तियों को भी दूर कर सुधार किया गया है। यदि बिल के पारित होने पर कोई व्यक्ति कलेक्टर की अनुमति के बिना धर्म परिवर्तन करेगा तो अपराध की श्रेणी में आएगा। जिसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान रहेगा।
हाल ही जोधपुर जिले में 22 वर्षीय लड़की का एक मुस्लिम युवक से शादी कर धर्म परिवर्तन करने का मामला सामने आया था। कोर्ट ने भी टिप्पणी करते हुए पूछा था कि क्या धर्म परिवर्तन का कोई नियम है? या ऐसी कोई गाइडलाइन जो नियम तय करती हो।
हम पूरे अध्ययन के बाद ही बिल ला रहे हैं - गृहमंत्री
गुलाबचंद कटारिया
जानकारी के अनुसार इससे पहले भी भाजपा सरकार ने वर्ष 2006 में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लाने का भरसक प्रयास किया था। लेकिन कांग्रेस के जबर्दस्त विरोध की वजह से यह बिल अटक गया था। सरकार संशोधन के बाद फिर राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2008 को लाने का प्रयास कर रही है।
बिल को लेकर कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल पुरजोर विरोध में जुट गए हैं। वहीं, प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने आज पत्रकारों से कहा कि हम पूरे अध्यययन के बाद इस कानून को लेकर आ रहे हैं। कटारिया ने कहा कि राजस्थान से पहले कई राज्यों में पहले भी यह बिल आ चुका है। इसका उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन को रोकना है।
गौरतलब है कि कई बार एक धर्म के युवक-युवतियों का दूसरे धर्म के युवक-युवतियों से शादी करने के बाद धर्म परिवर्तन की जानकारी सामने आई है। इसका लव जिहाद नाम देकर कुछ राजनीतिक-सामाजिक संगठन विरोध भी करते हुए नजर आए हैं।
कलक्टर करेगा धर्म परिवर्तन के कारणों की जांच
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- फोटो : demo pic
बिल के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो चाही गई अनुमति से 30 दिन पहले कलेक्टर को जानकारी देनी होगी। अन्यथा जानकारी नहीं देने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं, कलेक्टर धर्म परिवर्तन के कारणों की बारीकी से पड़ताल करने के बाद ही धर्म परिवर्तन की अनुमति देगा और कलेक्टर अनुमति के बगैर ही शादी करने पर इसे गैर कानूनी मानते हुए दोषी व्यक्ति को पांच साल तक की सजा देने का प्रावधान रखा गया है। यह भी बताया जा रहा है कि यह बिल संविधान के दायरे में है।