पुलिस पूरे जाप्ते के साथ यहां वाहनों को रुकवाकर गाड़ियों की चैकिंग कर रही थी। तभी एक युवक की गाड़ी रुकवाई और फिर पिटाई करते हुए उसे अधमरा कर दिया। इसके बाद उसकी गाड़ी को लेकर फरार हो गए। घायल हुआ युवक इस पूरे वाकये को समझ ही नहीं पाया।
अपनी तरह का ये अजीब मामला राजस्थान के अलवर में सामने आया है। दरअसल, मारपीट करने वाले पुलिस की वर्दी में आए ये सभी युवक असली पुलिस नहीं बल्कि नकली पुलिस थी। इसके बाद ये बदमाश युवक यहां तैनात नाकाबंदी को ठेंगा दिखाते हुए गाड़ी लूटकर फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक, अलवर के जीडी कॉलेज के सामने चार-पांच बदमाश पुलिस की वर्दी पहन कर वाहनों की जांच कर रहे थे। तभी तंवर कॉलोनी निवासी अभिषेक सैनी गाड़ी लेकर आया। बहस हुई तो नकली पुलिस की वर्दी पहने खड़े बदमाशों ने उसकी पिटाई कर अधमरी अवस्था में गाड़ी से बाहर पटक दिया और गाड़ी को लेकर फरार हो गए।
तब जाकर मुस्तैद हुई पुलिस
बदमाश छोड़ गए ये गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
मारपीट के बाद पीड़ित युवक अचेत हो गया। इसके बाद होश आने पर उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जिले में नाकाबंदी करवाई और टोल बूथ पर लगे कैमरों की जांच की गई। इस पर अलवर भरतपुर मार्ग पर गाड़ी होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। तब जाकर अलवर से 10 किलोमीटर दूर बहाला टोल पर बदमाश टोल की पर्ची कटवाते हुए दिखाई दिए।
यूं रोका बदमाशों को
पीड़ित युवक
- फोटो : अमर उजाला
टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीसी कैमरे में एक बदमाश गाड़ी ड्राइविंग करने वाला दिखाई दे रहा था। इस पर पुलिस के इशारे पर टोलकर्मियों ने बदमाशों को करीब 10 मिनट तक टोल की पर्ची नहीं दी। इसके बाद जब बदमाश आगे जाने लगे तो पुलिस उनके पास पहुंच गई। इसी दौरान सहजपुर गांव के समीप बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को देख लिया। ये देख बदमाश गाड़ी को सड़क पर खड़ा कर अंधेरे में बाजरे के खेतों में होकर फरार हो गए। पुलिस ने आखिरकार गाड़ी को बरामद कर लिया, जबकि आरोपी भागने में कामयाब हो गए।