भ्रूण लिंग परीक्षण में अब सरकारी नर्स भी लिप्त होने लगी हैं। रविवार को हुई एक कार्रवाई में इस तरह की बात सामने आई है। राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ की ओर से परबतसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की 47 वर्षीय नर्स शाजी जॉन को गिरफ्तार किया गया है।
राज्य समुचित प्राधिकारी एवं एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि मुखबिर के जरिए यह सूचना मिल रही थी कि राजकीय स्वास्थ्य केंद्र परबतसर की स्टाफ नर्स शाजी जॉन गर्भ में शिशु लिंग परीक्षण करवाकर अबॉर्शन करवाने जैसी गतिविधियों में लिप्त है। चूंकि, सूचनाएं कई बार मिल चुकी थी, ऐसे में पहले सूचना की पुष्टि की गई। फिर एक डिकॉय महिला और उसके सहयोगी को बोगस ग्राहक बनाकर रविवार सुबह सरकारी अस्पताल भिजवाया। सरकारी नर्स अस्पताल में दलाल के तौर पर काम कर रही थी। उसने भ्रूण लिंग जांच करवाने का सौदा दस हजार में कर लिया।
इसके बाद महिला को प्राथमिक उपचार केंद्र के पास स्थित सदा डायग्नोस्टिक लैब व डिजिटल एक्सरे सोनोग्राफी सेन्टर पर भेजा गया। वहां जांच करवाने के बाद महिला को जांच की रिपोर्ट लेकर नर्स ने सीधे अपने घर बुलाया। महिला सोनोग्राफी करवाने के बाद सीधे दलाल नर्स के घर गई। जहां नर्स ने महिला के लड़का होने की बात कही। तभी पीसीपीएनडीटी की टीम ने दलाल नर्स को दस हजार के नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया। मिशन निदेशक ने बताया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में गिरफ्तार दलाल नर्स नागौर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, परबतसर में वर्ष 1999 से स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है।