राजस्थान पुलिस ने बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ एक करोड़ से अधिक रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।
इस गिरोह ने राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र में एक दर्जन से अधिक वारदातें करना स्वीकार किया है। राजस्थान में पाली जिले के थाना रास में मुकेश कुमार निवासी कुड़की ने मामला दर्ज कराया था कि उसकी भानजी शीतल के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने 10 लाख रुपए का लोन दिलवाने का झांसा दिया। जिसके चलते शीतल ने अलग—अलग बैंक खातों में तीन लाख 22 हजार रुपए जमा करा दिए, लेकिन लोन नहीं मिला।
इस पर पुलिस साइबर सैल की मदद लेते हुए जांच की और उसके बाद दिल्ली में अलग-अलग स्थानों लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी प्रवीण सिंह पुत्र चन्दरपाल सिंह, निवासी भगवती विहार उत्तम नगर नई दिल्ली, राजू पुत्र देवीलाल, निवासी भगवती विहार उत्तम नगर नई दिल्ली, मोहम्मद अहमद उर्फ रज्जाक उर्फ समीर पुत्र मेहंदी हसन निवासी मीर विहार मदनपुर डाबास नोर्थ वेस्ट दिल्ली, वसीम पुत्र समीम खां निवासी किराड़ी सुलेमान नगर न्यू दिल्ली, अंजनी पुत्र रामदत्त तिवारी, निवासी बलवीर विहार किराड़ी सुलेमान नगर नई दिल्ली और विवेक खण्डेलवाल पुत्र राजीव खण्डेलवाल निवासी ललिता पार्क, लक्ष्मीनगर दिल्ली को दस्तयाब किया। शनिवार को इन आरोपियों को जैतारण की अदालत में पेश कर छह दिन का रिमांड लिया है।
पूछताछ में इन्होंने फर्जी दस्तावेजों से खरीदी सिम से कॉल कर लोगों को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनसे फर्जी खातों में रुपए डलवाए। ठगी की ये वारदात राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में की। इनके पास से करीब 150 मोबाइल सिम भी बरामद की है। इनसे और भी खुलासे होने की संभावना है।