पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब तीन महीने पहले हुए बहुचर्चित मर्डर का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही दो पिस्टल और तीन कारतूस भी बरामद किए है।
उदयपुर में स्पेशल टास्क फोर्स और धानमंडी थाना पुलिस ने इस मामले को सुलझा दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लूट की नीयत से प्रमोद मेहता के सीने में गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने उसके बाद कोई मोबाइल काम में नहीं लिया, जिसे लेकर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। तीन माह में पुलिस ने 550 अलग-अलग अपराधों में लिप्त आरोपियों को लाकर पूछताछ की तो उनसे काफी सुराग मिले।
ठिकानों से मिला गायब
हत्या
- फोटो : सांकेतिक चित्र
पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मोइन उर्फ सोनू पुत्र हारून खान का नाम सामने आ रहा था। पुलिस ने उसे ढूंढा तो वह अपने ठिकानों से गायब मिला। पुलिस ने स्वराज नगर मोइन खान उर्फ सोनू को पकड़ा तो उसने गौसियां कॉलोनी निवासी मोहम्मद सलाम पुत्र अब्दुल रहमान, गौसिया कॉलानी, किशनपोल, गली नं. 2 निवासी सकलेन उर्फ फिरोज खान पुत्र शिराज खान के साथ मिलकर बम्बोरा, कुराबड़ हाल बड़ी होली निवासी प्रमोद पुत्र कालूलाल मेहता की हत्या करना स्वीकार किया।
खूब लड़ा पर बैग नहीं छोड़ा
murder demo pic
आरोपियों ने बताया कि दवा विक्रेता के बाहर के डिस्ट्रीब्यूटर्स से पैसा लाने की उन्हें जानकारी थी, इसी कारण उन्होंने प्रमोद की रैकी की। उसे धोलीबावड़ी, सलमा गली में रोकते हुए बैग छीनने का प्रयास किया। प्रमोद ने उसके बावजूद बैग नहीं छोड़ा। तब सलाम ने उसके सिर पर पिस्टल के बट से वार भी किया लेकिन फिर भी उसने बैग नहीं छोड़ा। इस पर एक फायर किया जो प्रमोद के सीने में लगा। गोली उसके दिल में जा फंसी और अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण मेहता की मौत हो गई।