दीपावली, दशहरे और नवरात्रों का सीजन चल रहा है। लिहाजा मार्केट में जायकेदार और स्वादिष्ट मिठाईयों की डिमांड भी है। हमारे इसी स्वाद और सेहत के भरोसे से खिलवाड़ कर कुछ व्यापारी मिलावटी मिठाईयां बनाने का गोरखधंधा चला रहे है।
जयपुर-आगरा हाइवे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिठाई बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा तो एक गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को कानोता के हरचन्द्रपुरा गांव में मिलावटी सोहन पपड़ी मिठाई बनाने की फैक्ट्री चलने की शिकायत मिली थी।
जहां बेसन की जगह मैदा ज्यादा सस्ती होने से उसमें हल्दी मिलाकर बनाकर मिलावटी सोहन पपड़ी मिठाई तैयार की जा रही थी। इसमें सस्ता वनस्पति घी व तेल भी इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही, गंदगी भी मिली।
इस पर सीएमएचओ द्वितीय डॉ. प्रवीण असवाल के निर्देशन में टीम कानोता औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों की जांच के लिए भेजी गई। जहां स्थानीय लोगों ने पशु डेयरी के लिए बने मकान में फैक्ट्री चलने की जानकारी दी।
पुरानी मिलावटी सोहन पपड़ी भी की जा रही थी रिसाइकिल
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- फोटो : Demo pic
कार्रवाई कर टीम ने 1 हजार किलो नकली, 100 किलो पुरानी और 200 किलो तैयार सोहन पपड़ी जब्त कर ली है। यह मिलावटी सोहन पपड़ी दीपावली पर बाजार में बिकने की तैयारी में थी।
यह फैक्ट्री सुनसान जगह पर पशु डेयरी बाड़े में चल रही थी। जिसे पूरी तरह ढका गया था। यहां पुरानी सोन पपड़ी को भी रिसाइकिल करके नए पैकेट्स में बेचा जा रहा था। जानकारी के अनुसार फैक्ट्री संचालक मोहनलाल है।
खाद्य निरीक्षक आलोक टांक के मुताबिक मिलावटी सोहन पपड़ी की लागत करीब 40 रुपए प्रतिकिलो आती थी, लेकिन फैक्ट्री संचालक इसे 80 रुपए किलो में बाजार में बेचता था। निरीक्षक विनोद थारवान ने बताया कि जांच में फैक्ट्री संचालक कई क्विंंटल नकली सोन पपड़ी मार्केट में सप्लाई कर चुका है। गोदाम में चीनी और मैदा के कट्टे मिले हैं।