अजमेर के दरगाह क्षेत्र में 13 साल पहले किशोर की निर्ममता से हत्या करने वाले आरोपितों को अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों आरोपितों को आजीवन कारावास और जुर्माने से दण्डित किया है।
अपर लोक अभियोजक जीतमल प्रजापति ने बताया कि 28 अप्रैल 2004 को अंदरकोट निवासी 14 वर्षीय जाकिर खान को रंजिशवश अहसान सुलतानी और उसके परिजनों ने घेरकर हथियारों से हमला कर दिया था। इसके बाद उसे खांई में फेंक दिया गया था। जाकिर खान के पर्चा बयान के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसी दौरान इलाज के दौरान जाकिर ने दम तोड़ दिया। जाकिर की मौत के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में दरगाह थाना पुलिस की ओर से चार्जशीट पेश की गई। इसके आधार पर न्यायालय में गवाह और दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए।
मामले में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार ने आरोपित शफकत उल्ला सुलतानी, अहसान उल्ला सुलतानी, रहमान सुलतानी सहित चार को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया। वहीं दो आरोपितों को बरी कर दिया गया।