नाबालिग दलित बालिका का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माने से दण्डित किया गया। यह फैसला एससी एसटी कोर्ट की न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने सुनाया।
एससी एसटी कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि वर्ष 2013 में दलित बालिका ने आसलपुर जौबनेर निवासी हर्ष कुमावत के खिलाफ देह शोषण की शिकायत अजमेर के क्लाॅक टावर थाने में दर्ज करवाई थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया और चालान पेश किया। इसके बाद न्यायालय के सामने गवाह और दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए। सभी गवाहों और बयानों के मद्देनजर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने हर्ष कुमावत को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 70 हजार रुपए के जुर्माने से दण्डित किया।