अजमेर में ठगी के शिकार परिवार को शुक्रवार सुबह एसपी साहब के आॅफिस में आपबीती सुनाने के लिए जाना पड़ा। पीड़ित का कहना था कि स्थानीय थाना पुलिस ने उनकी पीड़ा नहीं सुनी, बल्कि बुरा—भला कहकर वहां से भगा दिया। इसके बाद एसपी ने थाना पुलिस को फटकार लगाकर मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
रामगंज स्थित मूलचंद हलवाई वाली गली में रहने वाले गोपीचंद ने बताया कि उसका एसबीआई में अकाउंट है। उसने 6 मई की शाम को बेटे को एटीएम से 6 हजार रुपए निकालने के लिए भेजा था। इसी दौरान वहां मौजद एक व्यक्ति ने बेटे को बातों में उलझाकर एटीएम बदल लिया। जब वह रुपए लेकर घर पहुंचा तो उसके खाते से पहले 34 हजार और कुछ देर बाद ही 26 हजार रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का मैसेज आया। जब उसने बेटे से पूरी बात पूछी तो उसे अपने साथ ठगी होने का अंदेशा हुआ।
इसके बाद गोपीचंद ने थाने में जाकर शिकायत दी तो उसकी सुनवाई करने की बजाय उसे ही बुरा—भला कहकर रवाना कर दिया गया। गोपीचंद ने बताया कि रामगंज थाना पुलिस ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर गुमराह किया। जब वह कोतवाली आया तो उसे रामगंज में मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही गई। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज गोपीचंद शुक्रवार को अपने परिवार के साथ कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई के समक्ष पेश हुआ और ज्ञापन देकर ठगी की शिकायत दी।
इस पर कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक विश्नोई ने थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करने और पीड़ित को राहत पहुंचाने के आदेश दिए हैं।