प्रदेश के दो बड़े विश्वविद्यालयों राजस्थान विवि औऱ बीकानेर विवि की परीक्षाओं के पेपर की गोपनीयता बनाए रखने वालों ने ही पूरी प्लानिंग के साथ उसे तार तार कर दिया।
जयपुर एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि पेपर लीक करने के इस खेल में एचओडी, पेपर सेट करने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर, गोपनीय शाखा के कर्मचारी, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य समेत कई लोग शामिल है। किसी ने बेटे के लिए पेपर लिया, तो किसी ने दूसरे लालच के चलते। परीक्षा से एक दिन से लेकर चार दिन पहले तक पेपर फोन और सोशल संसाधनों के जरिए बाजार में घूमता रहा। अब एसओजी की जांच में पेपर लीक करने के षड़यंत्र की परतें खुलने लगी हैं।
एसओजी के अनुसार राजस्थान विवि के ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के हैड प्रो.जे.पी. जाट पेपर लीक मामले में संदिग्ध भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। खाजूवाला सरकारी कॉलेज के प्रोफसर एन.एस. मोदी ने अपने बेटे निपुण मोदी के लिए पेपर को लीक करवाया। इसके बाद ये पेपर वायरल होता गया। अब दोनों पिता-पुत्र एसओजी के हत्थे चढ़ चुके हैं।
बीकानेर यूनिवर्सिटी की एमकॉम फाइनल ईयर की क्यूआर एंड क्यूटी की परीक्षा 5 अप्रेल को होनी थी। इस परीक्षा से चार दिन पहले ही यानी एक अप्रेल को पेपर लीक हो गया था। यह प्रश्न पत्र राजस्थान विवि के कॉमर्स को प्रो. गोविंद पारीक ने एसएसजी पारीक कॉलेज चौमूं के व्याख्याता शंभूदयाल पाटनी को लिखवा दिया था। पाटनी ने ये पेपर प्रो. मोदी को दिया। मोदी का बेटा निपुण खुद इस परीक्षा में परीक्षार्थी था।
यही पेपर रमेश बुक डिपो (आरबीडी) के कर्मचारी शरद ने अग्रसेन कॉलेज, भादरा हनुमानगढ़ के व्याख्याता कालीचरण शर्मा को फोन पर बताया। इसके बाद फोन के जरिए ये पेपर आगे भी बांट दिया गया।
इसके बाद 10 अप्रेल को बीए फाइनल के भूगोल का प्रथम प्रश्नपत्र दो दिन पहले पेपर सेटर रिटायर्ड प्रो. बी.एल. गुप्ता से फोन पर नोट कर आगे बांटा गया।
इसी तरह 12 अप्रेल को बीए पार्ट थर्ड का भूगोल सैकंड का पेपर एक दिन पहले ही प्रो. जाट ने हासिल कर बांट दिया।
13 अप्रैल को तय राजस्थान विवि के एबीएसटी सैकंड का प्रश्नपत्र एक दिन पहले ही लीक कर दिया गया। यह पेपर विवि की गोपनीय शाखा के कर्मचारी नंदलाल सैनी, अशोक अग्रवाल ने महेश गुप्ता ने साजिश के तहत आउट कर दिया।