लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर फरार हुआ एक चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी पुलिस से बचने के अपना नाम और रहने का ठिकाना भी बदल रहा था।
पुलिस उपायुक्त जयपुर शहर (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अहनीश कमल भटनागर है और वह त्रिवेणी ग्रीनरी फिनलेज नाम की कम्पनी का डायरेक्टर है। अहनीश ने वर्ष 1992-93 में डिग्गी हाउस, जयपुर में चिटफंड कम्पनी खोली थी और उस समय वह जयपुर के मालवीय नगर इलाके में रहता था।
आरोपी ने जोधपुर, सिरोही, सवाई माधोपुर, बीकानेर, जयपुर व इसके अलावा अहमदाबाद, गुजरात में भी कार्यालय खोले और एजेन्ट बनाकर लोगों से लाखों रुपए का निवेश करवाया। इसके बाद धोखाधड़ी से रुपए हड़पकर अपने साथियों के साथ फरार हो गया।
दबिश से पहले बदल लेता था ठिकाना
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मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश की। इस मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश पर मालवीय नगर थाने में तैनात सबइंस्पेक्टर प्रकाशचन्द्र के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने स्टैंडिंग वारंटी मुल्जिम अहनीश कमल भटनागर की तलाश में कई जगह दबिश दी।
आरोपी ने शातिराना तरीके से अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने पहचान पत्र अलग अलग पते और नाम से बनवा लिए। इस तरह वह ठिकाने बदलता रहा। पुलिस की दबिश से पहले वह भाग जाता।
सोशल मीडिया ने निभाई अहम भूमिका
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पुलिस इस मामले में सोशल मीडिया की मदद ली। पुलिस ने आरोपी के नजदीकी रिश्तेदार को चिन्हित किया और उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखी।
इस दौरान पुलिस टीम ने दिल्ली, मुम्बई में दबिश दी। तब पुलिस टीम को वारंटी आरोपी अहनीश भटनागर के वैशाली नगर, जयपुर में विनोबा भावे नगर में किराये के मकान में रहने का पता चला। आरोपी ने यह किराये का मकान पत्नी के नाम से लिया था।
उसे पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया। केस में नामजद कंपनी के डायरेक्टर देवजित नाग व योगेश शर्मा फरार चल रहे है। अहनीश कमल भटनागर प्रदेश के सिरोही व जोधपुर जिलों में दर्ज मुकदमों में भी फरार चल रहा है।