जयपुर के रामगंज इलाके में घर पर ट्यूशन पढ़ाने के बहाने मासूम बच्चों से यौन शोषण कर मोबाइल से अश्लील वीडियो क्लिपिंग बनाने के सनसनीखेज मामले की जांच अब एसओजी, राजस्थान करेंगी। इससे पहले रामगंज थाना पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
मामले में यौन शोषण से पीड़ित एक बालक के रिश्तेदार अब्दुल मजीद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें स्थानीय पुलिस के पर निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए अनुसंधान एसओजी से करवाने की याचिका की थी। सोमवार को हाईकोर्ट की एकलपीठ के न्यायाधीश पंकज भंडारी ने अब्दुल मजीद की याचिका पर सुनवाई करते हुए केस का अनुसंधान एसओजी से करवाने के लिए डीजीपी भट्ट को आदेश दिए।
ट्यूशन देने वाले टीचर रमीज ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं। उसने एक के बाद एक कई मासूमों, किशोर-किशोरियों की अश्लील मोबाइल क्लिपिंग बनाई। क्लिपिंग के लिए उसने अपने साथी की मदद भी ली। क्लिपिंग को बच्चों के दिखाने का डर दिखाकर उसने बच्चों को ब्लैकमेल कर रुपए वसूले।
पुलिस के मुताबिक इस टीचर ने 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को शिकार बनाया और कुकर्म किया। पुलिस ने रामगंज निवासी टीचर रमीज को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल को जब्त किया था।
डीसीपी उत्तर अंशुमन भौमिया के मुताबिक रमीज के मोबाइल फोन में लगभग 20 से ज्यादा बच्चों की 77 वीडियो क्लिपिंग मिली थी। क्लिप्स बनाने में रमीज की मदद करनेवाला साथी नाबालिग है,जिसकी तलाश की जा रही है।