राजस्थान की पीसीपीएनडीटी सेल ने उत्तर प्रदेश के आगरा में दलाल के मार्फत 30 हजार रुपए में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले एक गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक महिला डॉक्टर, नर्स व दो दलालों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 30 हजार रुपए व उपयोग में ली गयी पंजीकृत पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन जब्त की है।
राजस्थान राज्य पीसीपीएनडीटी सेल की यह 64 वीं डिकॉय कार्रवाई है। जिसमें उत्तर प्रदेश में 5वीं है। इसके लिए गिरोह से जुड़ा दलाल यूपी सीमा से सटे धौलपुर में रहने वाली गर्भवती महिला को भ्रूण लिंग जांच के लिए आगरा लेकर गया था। अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं स्वास्थ्य सचिव नवीन जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आगरा निवासी 55 वर्षीया स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विद्या गुप्ता, 30 वर्षीय नर्स मनोरमा, 44 वर्षीय दलाल रामकिशोर यादव एवं धौलपुर निवासी 40 वर्षीय दलाल प्रभुदयाल है।
जैन ने बताया कि डिकॉय आॅपरेशन के लिए यह तीसरा प्रयास था। महिला से नर्स ने लिंग जांच के लिए 30 हजार रुपए लेने के अलावा गर्भपात के लिए भी 30 हजार रुपये की मांग की। इन चारों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीसीपीएनडीटी रघुवीरसिंह के नेतृत्व में सीआई सीताराम बैरवा व अन्य कर्मचारियों ने की।
लिंग जांच के के अलावा गर्भपात के लिए भी 30 हजार रुपये की मांग की
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- फोटो : Vishnu Sharma
स्वास्थ्य सचिव नवीन जैन के मुताबिक धौलपुर में चंबलपुरी इलाके का दलाल प्रभूदयाल के बारे में जानकारी मिल रही थी कि वह भ्रूण लिंग की चोरी छिपे जांच करवाता है। इस पर पीसीपीएनडीटी की सेल ने बुधवार को सुबह डिकॉय महिला व सहयोगी सदस्य के साथ भ्रूण लिंग जांच के लिए दलाल प्रभुदयाल से संपर्क किया। इसका सौदा 30 हजार रुपए में सौदा तय किया। वह गर्भवती को आगरा में फिरोजाबाद रोड पर स्थित विद्या नर्सिंग होम लेकर गया।
वहां अन्य दलाल रामकिशोर मिला एवं उसने मनोरमा नर्स को सौंप दिया जो कि गर्भवती महिला को डॉक्टर विद्या गुप्ता के पास लेकर गई। डॉक्टर गुप्ता ने पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर में भ्रूण लिंग जांच की। टीम की सदस्य डिकाॅय गर्भवती से इशारा मिलते ही राज्य दल ने मौके पर मौजूद आरोपियों को सोनोग्राफी सहित गिरफ्तार कर लिया एवं डिकाॅय राशि 30 हजार रुपए भी बरामद कर लिये।