श्रीगंगानगर जिले में अवैध तरीके से कथित भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने एक झोलाछाप डॉक्टर व दलाल को गिरफ्तार कर लिया।
पीसीपीएनडीटी सेल की टीम ने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के इस गिरोह का भंडाफोड़ शनिवार रात करीब 12 बजे किया। यह गिरोह आधी रात को लिंग परीक्षण का काम कर रहा था। पीबीआई थाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दलाल सतनाम सिंह व छोलाछाप डॉक्टर सुरजीत सिंह है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। सैनी के मुताबिक भ्रूण लिंग जांच करने वाले एक गिरोह के श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में गर्भपात करवाने की शिकायतें मिल रही थी। इसकी पुष्टि होने पर श्रीगंगानगर की बोगस ग्राहक के जरिए दलाल अमृतपाल सिंह से संपर्क साधा गया।
जिसने भ्रूण लिंग जांच करवाने के 40 हजार रुपए मांगे। उसने शनिवार दोपहर को गर्भवती महिला को एक गांव में बुलाकर हनुमानगढ़ जंक्शन आने का कहा। यहां दलाल अमृतपाल सिंह ने महिला की स्वास्तिक हॉस्पीटल में नियमित जांच करवाई। फिर महिला को बॉम्बे हॉस्पीटल बुलाया। महिला को कई बार इधर-उधर घुमाने के बाद दलाल संतुष्ट हो गया कि महिला के साथ कोई और नहीं है। इसके बाद दलाल अमृतपाल ने बॉम्बे हॉस्पीटल की लेब में गर्भवती महिला के सहयोगी से 40 हजार रुपए मांग लिए।
30 से 40 हजार रुपए में सौदा करते है
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इसके बाद शाम 7 बजे अमृतपाल ने तीसरे दलाल सुरजीत सिंह के जरिए भांभू हॉस्पीटल में नियमित सोनोग्राफी करवाई। जहां महिला को गर्भ में लड़की होना बताया। वहीं, पीसीपीएनडीटी टीम ने 38 वर्षीय आरोपी सुरजीत सिंह निवासी अमरपुरा थेड़ी तथा सतनाम सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया, तीसरा दलाल अमृतपाल पहले ही पैसों का बंटवारा कर जा चुका था। उसकी तलाश में उसके घर एवं अन्य ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। इस मामले में बोम्बे हॉस्पीटल संचालक एवं भांभू हॉस्पीटल संचालक से पूछताछ की गई। यह गिरोह भ्रूण लिंग के बारे में बताकर 30 से 40 हजार रुपए में सौदा कर रकम वसूलते है।
एनएचएम के मिशन निदेशक एवं पीसीपीएनडीटी के राज्य प्राधिकारी नवीन जैन ने बताया कि यह कार्रवाई जयपुर पीबीआई थाने के इंस्पेक्टर अरुण चौधरी, एसआई विक्रम सेवावत समेत अन्य लोगों की टीम ने की। एनएचएम मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशन में पीसीपीएनडीटी टीम की राज्य में 75 वीं कार्रवाई है। एएसपी रघुवीर सिंह ने बताया कि टीम दूसरे राज्यों पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश में भी कार्रवाई कर चुकी है। आरोपियों के खिलाफ पीबीआई थाना में मामला दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।