डायरेक्टर्स अर्पित सोनी व दिवाकर सोनी
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लाखों रुपए की ठगी के मामले में पिछले पांच साल से फरार चल रहे एक निजी कंपनी के दो डायरेक्टर्स को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी उत्तर द्वितीय राजेश कुमार मील ने बताया की गिरफ्तार आरोपी दिवाकर सोनी व अर्पित सोनी है। दोनों प्रियांषी ट्रेडमार्क लिमिटेड के निदेशक हैं। उनके खिलाफ जयपुर कमिश्नरेट के जालूपुरा पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज था। कोर्ट से स्थाई वारंट जारी थे। ये दोनों आरोपी वर्ष 2012 से फरार चल रहे थे।
पुलिस मुख्यालय ने अगस्त माह में 299 सीआरपीसी, स्थाई वारंटी, गिरफ्तारी वारंटियों की अधिकतम गिरफ्तारी का विशेष अभियान राजस्थान में चलाया था। जिसमें डीसीपी उत्तर सत्येन्द्र सिंह ने जिला उत्तर जयपुर में सभी थानों को ज्यादा से ज्यादा वारंटी गिरफ्तार करने के निर्देश दिये थे। इस पर एसीपी कोतवाली सुमित कुमार के निर्देशन में थानाधिकारी जालूपुरा लिखमाराम के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
इसमें शामिल हैडकांस्टेबल सुनील कुमार को सूचना मिली की प्रियांषी ट्रेडमार्क लिमिटेड के निदेशक दिवाकर सोनी की शादी एसएफएस मानसरोवर के सामुदायिक भवन में फरवरी 2017 व निदेशक अर्पित सोनी का सगाई समारोह धन्ना रेस्टोरेन्ट मोरानी मोटर्स के सामने टोंक रोड पर जून माह में सम्पन हुआ है। इस पर हैडकांस्टेबल सुनील कुमार ने जानकारी जुटाई तो पटेल मार्ग मानसरोवर से आरोपी दिवाकर सोनी उम्र-28 साल और उसके भाई अर्पित सोनी उम्र-30 साल निवासी- परतानियों का रास्ता, जौहरी बाजार को गिरफ्तार कर लिया।
इस तरह लखपति बनने का झांसा देकर ठगा
Fraud shimla
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एसीपी सुमित कुमार ने बताया कि प्रियांशी ट्रेडमार्क लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2009 में अर्पित सोनी व दिवाकर सोनी ने अपने बड़े भाई मनोज सोनी के साथ मिलकर की थी। ये तीनों कम्पनी के डायरेक्टर थे। तब इन्होंने लोगों को स्वावलंबी बनाने और उनके वक्त तथा धन का उपयोग कर आर्थिक मन्दी के दौर से मुक्त करवाने की बात कही। फिर कंपनी के डायरेक्टर्स ने आभूषणों व अन्य उत्पादों के व्यवसाय में जुड़े हुऐ सदस्यों को मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया।
कम्पनी के निदेशकों ने राजस्थान व अन्य राज्यों में वर्ष 2011-12 में कई सेमीनार आयोजित की और हजारों सदस्य बनाए। इसके बाद उन्हें लखपति बनने एवं इनसेंटिव व कई गुना राशि दोबारा देने का झांसा देकर करोड़ों रुपए इकट्ठा कर लिए। इसके बाद भरत अपार्टमेन्ट, एमआई रोड और बोहरा जी का बाग, टोंक फाटक और अन्य कार्यालयों को बंद करके वर्ष 2012 की शुरुआत में ही भाग गए।
तब कंपनी के डायरेक्टर्स के खिलाफ जयपुर के जालूपुरा, माणकचौक, बजाज नगर तथा हिण्डौन सिटी सहित अन्य थानों में दर्जनों मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद कम्पनी के निदेशक मनोज सोनी को वर्ष 2012-13 में गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि दोनों डायरेक्टर्स अर्पित सोनी व दिवाकर सोनी फरार चल रहे थे। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया।