मालासर का मकान, जहां एनकाउंटर हुआ
- फोटो : Vishnu Sharma
गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर के बाद उपजा विरोध अभी तक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। परिजन शव नहीं उठा रहे हैं और पुलिस को शव को सुरक्षित रखने के लिए जतन करने पड़ रहे हैं। रतनगढ़ मोर्चरी में बार-बार बिजली गुल हो रही है, जिससे डी-फ्रीज में रखा शव खराब हो रहा है। अब पुलिस ने जनरेटर की व्यवस्था की है।
एनकाउंटर के बाद पिछले चार दिनों से आनन्दपाल का शव मोर्चरी में डी-फ्रीज में रखा है। सूत्रों के मुताबिक गांव में बिजली सप्लाई जाने की वजह से मोर्चरी में रखा डीफ्रीज भी बंद हो जाता है। जिससे वहां जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है।
इधर, अभी तक परिजन शव लेने को राजी नहीं हुए है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की चिंता की लकीरें बढ़ती जा रही है। एक तरफ नागौर जिले के लाडनूं तहसील स्थित आनंदपाल के पैतृक गांव सांवरदा में सैंकड़ों की संख्या में लोग जमा है।
वहीं, दूसरी तरफ रतनगढ़ में धारा 144 लगा दी गई है। क्योंकि यहीं एक राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में आनंदपाल का शव पिछले पांच दिनों से अंतिम संस्कार के इंतजार में रखा है। पुलिस प्रशासन रतनगढ़ और सांवराद में ड्रोन कैमरे से भी नजर रख रखा है।
साथ ही सांवराद आने जाने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी करवाने के अलावा उनकी तलाशी ली जा रही है। मुख्य रास्तों पर हथियारबंद पुलिस जवान तैनात किए गए है। सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी और भड़काउ मैसेजों पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार रात हुए एनकाउंटर के बाद पांच दिन बीतने से आनंदपाल का शव खराब होने लगा है। अब दुर्गंध भी आने लगी है। ऐसे में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को भी तकनीकी स्टॉफ और विशेषज्ञों को बुलाकर मोर्चरी की व्यवस्था दुरुस्त करवाई।
साथ ही, मंगलवार रात को पुलिस प्रशासन द्वारा आनंदपाल के शव को लेने के लिए उसकी मां निर्मल कंवर को जारी किए गए नोटिस की मियाद गुरुवार को हो जाएगी।