फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अॉनर किलिंगः सुपारी किलर से करवाई दामाद की हत्या, मां-बाप व भाई समेत पांच गिरफ्तार

Wed, 24 May 2017 08:17 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी जीवनराम जाट - फोटो : Vishnu Sharma
विज्ञापन
बेटी के प्रेम विवाह करने से खफा होकर एक सप्ताह पहले दामाद की सुपारी किलर से हत्या करवाने वाले आरोपी मां—बाप और भाई समेत पांच आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अभी दो शूटर फरार है। जिन्होंने दामाद पर पांच गोलियांं चलाकर मार डाला था। 
विज्ञापन


पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि 55 वर्षीय गिरफ्तार आरोपी जीवनराम जाट, उसकी पत्नी भगवती देवी, बेटा मुकेश जाट सीकर जिले के लोसल स्थित मोरडूंगा के रहने वाले है। यहां वैशाली नगर में झारखंड मोड़ पर गणेश कॉलोनी में रहते है। इसके अलावा मोरडूंगा, लोसल निवासी भगवानाराम है, जो कि पूर्व पंचायत समिति का सदस्य रहा है। जबकि इस बार चुनाव हार गया। वहीं पांचवां आरोपी 21 वर्षीय रवि उर्फ रविंद्र शेखावत नागौर जिले के मौलासर का रहने वाला है। यहां ग्रीन विहार, मीणों की ढाणी, मुरलीपुरा में रहता है।

जानकारी के अनुसार 17 साल पहले आर्मी से रिटायर्ड जीवनराम जाट नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में ड्राइवर था। उसका बेटा मुकेश, बेटी ममता व मृतक अमित नायर पहले केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई की। इसके बाद मुकेश व अमित नायर ने इंजीनियरिंग की, जबकि ममता ने लक्ष्मणगढ़ से एलएलबी किया। 
विज्ञापन


एडिशनल कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार के मुताबिक लंबे अरसे से पहचान होने से ममता की अपने भाई मुकेश के दोस्त अमित नायर से दोस्ती प्यार में बदल गई। उन्होंने वर्ष 2011 में शादी कर ली। लेकिन इस बात को छुपाकर रखा।

एलएलबी पूरी करने पर वर्ष 2015 में ममता व अमित नायर ने अपने परिजनों को आर्य समाज में शादी करने की बात कही। तब से ही ममता के पिता जीवनराम, भाई मुकेश व मां भगवती देवी ने इस शादी को स्वीकार नहीं किया। वे अमित को धमकियां देने लगे। इसी बीच अमित व ममता अजमेर रोड पर जगदंबा नगर, करणीविहार में रहने लगे।
विज्ञापन

करीब दो-तीन लाख रुपए में जीवनराम ने उन्हें सुपारी दी और...

गिरफ्तार भगवती देवी, बेटा मुकेश, भगवानाराम, रविंद्र - फोटो : Vishnu Sharma
डीसीपी अशोक गुप्ता के मुताबिक जीवनराम ने गांव में अपने परिचित आरोपी भगवानाराम से बातचीत कर अमित को ठिकाने लगाने की साजिश रची। तब भगवानाराम ने​ गिरफ्तार आरोपी रविंद्र शेखावत से मिलावाया। जीवनराम ने अमित की हत्या के लिए रविंद्र को तीन लाख रुपए की सुपारी दी। इसके बाद रविंद्र को लेकर जीवनराम दो बार अमित की हत्या करवाने के इरादे से उसके घर गए। लेकिन वह नहीं मिला। इसी बीच जीवनराम व रविंद्र के बीच मनमुटाव हो गया और रविंद्र ने हत्या करने से इंकार कर दिया।

इसके बाद भगवानाराम ने जीवनराम को दो और शार्प शूटर से मुलाकात करवाई। करीब दो-तीन लाख रुपए में जीवनराम ने उन्हें सुपारी दी और 17 मई को दोनों शूटर को लेकर सुबह अपने जवाईं अमित के घर पहुंचा। जहां शूटर ने अमित पर पांच गोलियां चलाई। इनमें चार गोलियां लगने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने ममत को जबरन साथ लेकर जाने की योजना बनाई लेकिन आस—पड़ौस के लोगों के आने पर वहां से भाग निकले।

डीसीपी गुप्ता ने बताया कि हत्या के बाद जीवनराम ने शूटर्स को बगरु में उतार दिया। फिर खुद डीडवाना पहुंचा। वहां बेटे ​मुकेश को हत्या की जानकारी देकर गाड़ी वहीं छोड़कर रामदेवरा भाग निकले। फिर बीकानेर पहुंचे। यहां पत्नी भगवती देवी को छोड़कर जीवनराम हरियाणा में अपने फौजी साथी के पास चला गया। उसे दामाद की हत्या करवाकर भागने की बात भी कही। 

कमिश्नरेट की साइबर सेल प्रभारी हैड कांस्टेबल रतनदीप व पश्चिम जिले के सायबर प्रभारी कांस्टेबल प्रद्युमन ने अहम भूमिका निभाई। पश्चिम जिले के आठ थानाप्रभारियों की टीम ने प्रदेश के 10 जिलों में दबिश दी। तब पुलिस टीम ने जीवनराम को कैथल हरियाणा से, उसकी पत्नी भगवती को सीकर, बेटे मुकेश को डीडवाना और रविंद्र शेखावत को जयपुर से गिरफ्तार किया गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें