भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राजस्थान विश्वविद्यालय 5 वर्षीय लॉ पाठ्यक्रम में अध्यापन शुल्क को लेकर हुई अनियमितताओं के कारण सात प्रोफेसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के अनुसार इन सभी पर डेढ़ करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि मंजू कूलवाल, महेश कूलवाल, जी.एस. करकरा, मृदुला श्रीवास्तव, आर.एस. आकड़ एवं अन्य संबंधित कर्मचारी एवं गेस्ट फैकल्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि सेल्फ फाइनेंस स्कीम कोर्स के अध्यापन शुल्क को लेकर हो रही भारी गड़बड़ियों के संबंध में राजस्थान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर आर.बी. सिंह ने पिछले दिनों एसीबी में परिवाद दिया था। परिवाद की जांच एसीबी के सीआई भरत सिंह द्वारा की गई।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार राजस्थान विश्वविद्यालय के 5 वर्षीय लॉ पाठ्यक्रम के सेल्फ फाइनेंस कोर्स में अध्यापन शुल्क फर्जी तरीके से उठाया गया है, जो वर्ष 2011-12 की ऑडिट रिपोर्ट में भी बताया गया। जांच में यह सामने आया की वर्ष 2011-12 एवं 2013 में कुल 1 करोड़ 42 लाख रूपय का अध्यापन शुल्क फर्जी तरीके से उठाया गया है एवं अध्यापन शुल्क 12 महीने क्लास लेना बता कर उठाया गया जो यह प्रमाणित करता है कि विश्वविद्यालय में अध्यापन में कुछ महीने छुट्टी भी होती है।