पुलिस में भर्ती होते वक्त शपथ को याद रखें, खुद पर, वर्दी पर और फोर्स पर गर्व करें। यदि इस वर्दी पर गर्व नहीं किया तो पब्लिक भी आप पर गर्व नहीं करेगी। यह बात प्रदेश के डीजीपी मनोज भट्ट ने आज राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित अपने विदाई समारोह में अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को संबोधन करते वक्त कही।
इस अवसर पर परेड ग्राउण्ड में एक सेरेमोनियल परेड़ का आयोजन किया गया। जिसमें आरएसी, हाड़ीरानी महिला बटालियन, जयपुर पुलिस आयुक्तालय, जयपुर यातायात पुलिस, जयपुर ग्रामीण एवं ईआरटी की 6 टुकड़ियों ने परेड़ कमाण्डर आईपीएस मोनिका सेन के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस अकादमी के सेन्ट्रल बैण्ड की मधुर स्वर लहरियों के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट कर डीजीपी मनोज भट्ट को सलामी दी।
अपने उदबोधन में डीजीपी भट्ट ने कहा कि राजस्थान पुलिस की पुरानी परम्परा एवं गौरवशाली इतिहास इस परेड के माध्यम से जीवित हुई है, जिसका गौरव मुझे प्राप्त हुआ हैं। आपकी बेहतरीन परेड से मै अभिभूत हूॅं। 36 साल की सेवा का निचोड़ यही है कि मुझे सभी का भरपुर सहयोग मिला, एक अच्छे दोस्त की तरह सभी सलाह देते थे।
राजस्थान पुलिस का हमेशा गौरवशाली रहा है इतिहास
6 टुकड़ियों ने राजस्थान पुलिस अकादमी डीजीपी मनोज भट्ट को सलामी दी
- फोटो : Vishnu Sharma
राजस्थान पुलिस का इतिहास हमेशा गौरवशाली रहा है। मुझे विश्वास है कि पुलिस की नई युवा पीढ़ी इस गौरवशाली इतिहास को बनाए रखेगी। संविधान की शपथ जो देश व देश की जनता के लिये ली जाती है, उसे कभी नहीं भूलेंगे, हमारी वर्दी ही हमारी शान है।
इस अवसर पर एडीजी एनआरके रेड्डी, पंकज कुमार सिंह, नन्द किशोर, यूआर साहू, एमएल लाठर, पोन्नूचामी, डीसी जैन, उमेश मिश्रा, ओपी गल्होत्रा, सुनील कुमार मेहरोत्रा, कपिल गर्ग,राजीव शर्मा, भूपेन्द्र दक, भूपेन्द्र सिंह एवं जयपुर पुलिस आयुक्त संजय अग्रवाल सहित पुलिस अकादमी के निदेशक राजीव दासोत एवं पुलिस मुख्यालय,पुलिस आयुक्तालय एवं आरपीए के अनेक पुलिस अधिकारी व पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे। इसके अलावा डीजीपी भट्ट के परिजन एवं सेवानिवृत अधिकारी भी मौजूद थे।