विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जयपुर प्रथम ने प्रदेश के एक सीनियर आईएएस, उनके रिश्तेदारों और परिचितों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में प्रसंज्ञान लिया है।
जानकारी के अनुसार कोर्ट ने राजस्थान के सीनियर आईएएस और हाल विभागीय जांच कमिश्नर रविशंकर श्रीवास्तव एवं उनकी पत्नी सीमा श्रीवास्तव, सास सुधा श्रीवास्तव, बहन संजू एवं भाई विजय शंकर श्रीवास्तव, भतीजे विकास आनंद श्रीवास्तव, भतीजी रितु आनंद श्रीवास्तव एवं मित्र अजय कुमार डाटा के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया है और चार्ज बहस के लिए 3 अक्टूबर 2017 का दिन तय किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक पुलिस प्रभारी विधि शाखा ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रवि शंकर श्रीवास्तव ने लोक सेवक होते हुए अपने पदीय स्थिति का दुरुपयोग कर अपने सेवाकाल में अपने निकट संबंधियों के साथ मिलकर षड्यंत्र पूर्वक इनके फर्जी हस्ताक्षरों से बैंक खातों का संचालन किया गया एवं अवैध रूप से अर्जित आय को विभिन्न कंपनियों, शेयरों, भूमि एवं भवनों को खरीदने में निवेश करना पाया गया।
इन आपराधिक धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
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उल्लेखनीय है कि आईएएस रवि शंकर श्रीवास्तव तत्कालीन सदस्य राजस्व मंडल अजमेर एवं अन्य के विरुद्ध ब्यूरो मुख्यालय, जयपुर में 264/2004 दर्ज, अपराध अंतर्गत धारा13 [1] ई सपठित धारा 13[2] पीसी एक्ट 1988 व 420, 467, 468, 471 व 120 बी भारतीय दंड संहिता के तहत चार्जशीट 16 फरवरी 2012 को न्यायालय में पेश की गई थी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक पुलिस प्रभारी विधि शाखा ने बताया कि आरोपी द्वारा विभिन्न विशिष्ट न्यायालयों एवं उच्च न्यायालय में अपन प्रार्थना पत्र एवं रिट प्रस्तुत कर कार्यवाही को अनावश्यक विलंब किया जा रहा था जिस पर आज विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जयपुर प्रथम ने प्रसंज्ञान लेते हुए रवि शंकर श्रीवास्तव, आईएएस एवं अन्य को 3 अक्टूबर 2017 को चार्ज बहस के लिए नियत किया है।