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यौन हिंसा के विरुद्ध वर्कशॉप, बच्चों की सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता 

Tue, 25 Jul 2017 05:06 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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यौन हिंसा के विरुद्ध वर्कशॉप - फोटो : Vishnu Sharma
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बच्चों को सुरक्षित जीवन एवं विकास का अधिकार हैं। इसके लिए समाज में बच्चों के अनुकूल वातावरण होना चाहिये। यह विचार राजीव दासोत, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं निदेशक, राजस्थान पुलिस अकादमी ने यौन हिंसा के विरूद्व बच्चों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यक्त किये। उन्होंने पुरजोर कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में होनी चाहिये।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद विवेक लोढ़ा, अध्यक्ष यंग इण्डिया ने कहा कि समाज में बहुत सारे बच्चे यौन हिंसा की पीड़ा से गुजर चुके है, ऐसे में जरूरी है कि बच्चों यौन हिंसा से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक बनाया जावें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में यौन हिंसा से सुरक्षा पर शिक्षाप्रद फिल्म “कोमल” का प्रदर्शन किया गया, इस अवसर पर मोनल जुल्का, अध्यक्ष, मासूम कार्यक्रम ने बच्चों से सवाल जवाब किये जाकर उनको बाल संरक्षण एवं उनके अधिकारों की जानकारियां दी गई।

बच्चों को सही एवं गलत स्पर्शो को पहचानना एवं किसी भी तरह की अवांछनीय स्थितियों का सामना होने पर तुरन्त अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों का सूचित करने के लिए समझाया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम यंग इण्डियन व राजस्थान पुलिस अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में अकादमी परिसर में आयोजित किया गया। जिसमें अकादमी परिसर में स्थित राजकीय विद्यालय के 150 विधार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम दिलीप सैनी, सहायक निदेशक एवं स्पेशल कोर्स के निर्देशन में आयोजित किया गया जिसका संचालन धीरज वर्मा, पुलिस निरीक्षक द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के अन्त में रूना कर्णावत, उपाध्यक्ष मासूम कार्यक्रम ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 
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