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डेथ मिस्ट्री: चेतन के जूते में छिपा है एक गहरा राज, जिसे पुलिस कर रही है नजर अंदाज

Mon, 27 Nov 2017 02:46 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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वहीं बुर्ज पर एक जूता सलीके से रखा हुआ था - फोटो : vishnu sharma
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नाहरगढ़ किले पर लटकर हुई चेतन सैनी की संदिग्ध मौत का रहस्य बरकरार है। चार दिनों बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। सीसीटीवी फुटेज में एक रास्ते पर चेतन को अकेला देख पुलिस ने जरूर आत्महत्या का दावा किया है, लेकिन उसका एक जूता कुछ और ही कहानी कह रहा है।
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किले की जिस बुर्ज पर चेतन सैनी लटका मिला, उसका एक जूता वहीं, बुर्ज पर सलीके से रखा हुआ था। इसी जूते में चाय के तीन छोटे कप और एक प्लास्टिक की थैली रखी हुई मिली। सवाल यह उठता है कि ये चाय के कप जूते में किसने रखे, और कहां से आए। अगर कोई साथ नहीं था, तो तीन कप क्यों जूते में रखे गए।

जानकारों का मानना है कि तीन कप बता रहे हैं कि मौत से पहले बुर्ज पर चेतन के अलावा दो या तीन व्यक्ति और मौजूद होंगे, या हो सकता है कि उन्होंने साथ चाय भी पी हो। किले पर शहर से प्लास्टिक थैली में चाय लेकर आना मुश्किल है। इससे संभावना है कि यह चाय किले पर ही खरीदी होगी।
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मौत पर ये है सुलगते सवाल जो मांग रहे हैं जवाब

मौत के वक्त सिर्फ एक पैर में जूता.. जबकि दूसरे में चाय के कप - फोटो : Vishnu Sharma
नाहरगढ़ की पहाड़ी पर चरण मंदिर और टीवी टॉवर के आसपास कुछ लोग देर शाम तक चाय बेचने का काम भी करते हैं। जहां से आसानी से चाय उस बुर्ज तक लाई जा सकती है। इन सवालों के ठोस जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। यदि वहां चाय पी गई तो इन तीनों कपों और प्लास्टिक की थैली को बुर्ज पर फेंकने के बजाए चेतन के जूते में व्यवस्थित तरीके से रखना, अपने आप में सवाल उठा रहा है।

एक और अहम सवाल कि सुसाइड करने वाला एक जूता पहनकर ही क्यों सुसाइड करेगा। वह एक जूता बुर्ज पर क्यों उतारेगा। इसी तरह, वहां मौत से पहले स​ब कुछ व्यवस्थित था। जैसे कि इतने पत्थरों पर कोयले से लिखना। लेकिन घिसे हुए कोयले के टुकड़े वहां नहीं फैलाना। जिन पत्थरों पर पद्मावती और काफिरों को लेकर विवादित अंश लिखे गए, उनमें खास है कि एक शब्द भी पत्थर के बाहर नहीं गया और पत्थर के आकार के अनुसार ही उस पर छोटा-बड़ा मैसेज लिखा गया। इसी बुर्ज पर करीब 25 पत्थरों पर पद्मावती फिल्म को लेकर विवादित बातें कोयलें से लिखी गई थीं। 

इन तथ्यों से यह सवाल खड़ा होता है कि खुदकुशी से पहले चेतन ने इतना सबकुछ क्यों किया। वह आर्थिक तंगी, गृहक्लेश या फिर किसी और कारण से खुदकुशी करता तो ऐसी विवादित टिप्पणियां क्यों लिखता?
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चेतन के हाथ खाली थे, तो इतनी मोटी व लम्बी रस्सी कहां से आई

मौत से पहले पत्थर पर लिखे यह विवादित अंश - फोटो : Vishnu Sharma
परिजन भी सवाल उठा रहे हैं कि भारी विरोध के बावजूद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस चेतन की हत्या का मुकदमा दर्ज करने करने से क्यों बच रही है। जब सीसीटीवी में चेतन के हाथ खाली थे, तो उसके पास इतनी बड़ी​ और मोटी रस्सी कहां से आई।

परिजनों का कहना है कि यदि उसने छिपाई भी तो वह कैसे उसे किले पर लेकर गया। जिसे रस्सी से चेतन फंदे पर लटका हुआ था। वह रस्सी बिल्कुल नई है, जो वारदात के कुछ वक्त पहले ही कहीं से खरीदी जाने का अनुमान है।

फिलहाल किले पर चेतन की मौत का रहस्य बरकरार है। गौरतलब है कि गत बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े 5 बजे उसने पत्नी से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रात 9 बजे तक घर वापस आने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद उसका फोन बंद आने लगा और रात को घर नहीं लौटा। अगले दिन उसकी लाश नाहरगढ़ किले पर एक बुर्ज पर रस्सी के फंदे से लटकते हुए नजर आई।
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