खान व्यवसायी को डरा-धमका कर तीस लाख रुपए की वसूली करने के मामले में एसओजी ने मृतक आनंदपाल के भाई रुपेन्द्र पाल सिंह और चचेरे भाई देवेन्द्र पाल व एक अन्य महिपाल के खिलाफ सीएमएम अदालत में आरोप पत्र पेश किया है। आरोप पत्र में आईपीसी की धारा 384, 386, 396 और 397 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
वहीं राजस्थान एसओजी ने विजय मांडिया, कुलदीप जाट, आजाद सिंह व तेजपालसिंह के खिलाफ जांच लंबित रखी है। जबकि मुख्य आरोपी आनंदपालसिंह की मौत हो चुकी है। मामले के अनुसार परिवादी कृपालसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 जनवरी 2016 को महिपाल सिंह उसके ऑफिस आकर परिवादी को बाहर ले आया। ऑफिस के बाहर गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के अलावा अन्य साथी भी थे।
यहां आनंदपाल सिंह ने एके-47 दिखाकर कहा कि मनमीत की जमानत कराने के लिए रुपए की जरूरत है। आरोपियों ने धमका कर तीस लाख रुपए मांगे। वहीं 6 फरवरी 2016 को महिपाल सिंह ने उसके गांव जाकर परिवादी के पिता के पास जाकर डराया-धमकाया। मार्च के पहले सप्ताह में उसने डरकर आरोपियों को तीस लाख रुपए दे दिए।