एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने आरोपी की अदालत से जमानत कराने और जब्त मोटर साईकिल को छोड़ने की एवज में रिश्वत लेने वाले ब्रह्मपुरी थाने के तत्कालीन एएसआई चतरसिंह जाट को दो साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने सीकर निवासी इस अभियुक्त पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि 13 फरवरी 2003 को परिवादी प्रभुलाल गुर्जर अपने साथ नारायण के साथ रामगढ़ मोड़ से जा रहा था। यहां अभियुक्त ने उसे पकड़कर शराब रखने का आरोप लगाया और नारायण को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद अभियुक्त ने जब्त की गई मोटर साईकिल को छोड़ने और नारायण की जमानत कराने सहित परिवादी को केस में नहीं फंसाने के नाम पर साढ़े पांच सौ रुपए वसूल लिए। इसके अलावा एक हजार रुपए अगले दिन देने की बात कही। इस पर परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने 14 फरवरी को अभियुक्त को एक हजार रुपए लेते ट्रेप किया।