गैंगस्टर आनंदपाल का शव दूसरे दिन भी रतनगढ़ मोर्चरी में पड़ा रहा। परिजन आनन्दपाल के एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आनंदपाल के परिजनों को समझाने में दिनभर जुटे रहे, लेकिन वे नहीं माने।
आनंदपाल के पैतृक गांव सांवराद में रावणा राजपूत समाज और गांव वालों को बेमियादी धरना जारी है। वहां भारी सुरक्षा बल तैनात है। परिजन, ग्रामीण और समाज के लोग मांग कर रहे है कि आनंदपाल की मौत की जांच सीबीआई से कराई जा और जेल में बंद उसके दो भाइयों देवेंद्र पाल और रुपेंद्र पाल को अंतिम संस्कार में भाग लेने की छूट दी जाए।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आनंदपाल को घेरकर गोलियों से छलनी किया है। उसे सरेंडर करने का कोई मौका नहीं दिया। गौरतलब है कि आनंदपाल का एनकाउंटर शनिवार को पुलिस ने चुरू जिले के मालासर में किया था। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंपने के लिए समझाइश की जा रही है। अब मंगलवार को उसके अंतिम संस्कार की उम्मीद की जा रही है।
राजस्थान गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सोमवार को बयान देकर शव का दाह संस्कार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मरने के बाद शव का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। हम भी पूरा सम्मान करते हैं और हम चाहते हैं कि घर वाले शव को लें और रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करे।