आनंदपाल दहशत का दूसरा नाम था। उसका खौफ राजस्थान के साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश और यूपी में था। खतरनाक हथियारों से वह हमेशा लैस रहता था और उस पर हत्या, डकैती, लूट आदि के दर्जनों मामले दर्ज है।
आनंदपाल सिंह मूलत: नागौर के लाडनूं तहसील के गांव सांवराद का रहने वाला है। उसने 2006 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके बाद उसने कई बड़े अपराधों को अंजाम दिया।
पुलिस ने आनंदपाल को पहले पकड़ लिया था लेकिन, तीन सितंबर 2015 को पेशी पर ले जाते समय आनंदपाल पुलिसकर्मियों को नशीली मिठाई खिलाकर भाग गया था। उसकी फरारी में पुलिस की भी भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके बाद आनंदपाल की नागौर में वसूली की रकम लेने आए आनंदपाल का पुलिस से सामना हुआ। दोनों तरफ से गोलियां चली और इसमें एक पुलिस कर्मी की मौत हो गई थी। जबकि कई पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। आनंदपाल एके 47, ऑटोमैटिक मशीन गन, बम और बुलेट प्रूफ जैकेट इस्तेमाल करता था।