चार साल पुराने एक मुकदमे में गिरफ्तारी की आशंका के चलते एक चर्चित आईपीएस अफसर फिर से सुर्खियों में हैं। इस आईपीएस ने कई प्रमुख आईपीएस अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी एक लिखित शिकायत भेजी है।
यह आईपीएस अफसर हैं, राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर पदस्थापित कुमार इंदुभूषण। इनका आरोप है कि आईपीएस बनने पर शुरुआत में लगभग सभी का प्रोपर्टी रिटर्न शून्य होता है। लेकिन कुछ सालों की सर्विस के बाद ही यह प्रोपर्टी बढ़ती जाती है और आईपीएस सर्विस के 20 से 25 साल के बीच लगभग 100 करोड़ की प्रोपर्टी हो जाती है।
इंदुभूषण ने गृहमंत्री को भेजी अपनी लिखत शिकायत में प्रदेश में बलात्कार सहित महिला संबंधी अपराध बढ़ने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इस आईपीएस ने पुलिस मुखिया समेत कई अन्य अफसरों की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदुभूषण ने उच्च अफसरों पर साजिश रचने के आरोप लगाए हैं कि शास्त्री नगर थाने के एक कांस्टेबल की ओर से दर्ज मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी किसी भी समय उनकी गिरफ्तारी करवा सकते हैं।
रिटायर पुलिस अफसरों के घर हो रहा है ये सब
आईपीएस अफसरों पर गंभीर आरोप
- फोटो : File photo
एडीजी इंदुभूषण ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत राज्य के कई आईपीएस अफसरों की शुरुआती प्रोपर्टी और वर्तमान में उनकी प्रोपर्टी के बारे में जानकारी जुटाई। इनमें वर्तमान में पुलिस सेवा में मौजूद और सेवानिवृत्त एडीजी, आईजी, डीआईजी और अन्य अफसर है। जिन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है।
एडीजी इंदुभूषण का कहना है कि आईपीएस सर्विस से सेवानिवृत्ति के एक माह तक सुविधाएं मिल सकती हैं। लेकिन नियमों के विपरित प्रदेश के पूर्व डीजीपी समेत कई अन्य अफसर सरकारी सुविधाएं अर्जित कर रहे हैं एवं मातहत पुलिस कर्मचारियों को अपने यहां काम करवा रहे है, जिसकी उन्होंने फोटो खींचे हुए हैं।
एडीजी इंदुभूषण ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत संपत्ति और सुविधाओं संबंधी जानकारी जुटाई तो इनमें कई जानकारियां नहीं दी गई। ऐसे अफसरों के खिलाफ आवाज उठाने पर साजिश रचकर चार साल पुराने मुकदमे में दीपावली की रात को उन्हें गिरफ्तार करवा कर बदनाम करने की कोशिश की।
पहले भी रहे विवादों में, लौटाया था एनपीए से
आईपीएस
- फोटो : File photo
एडीजी कुमार इंदुभूषण पहले भी विवादों में रहे हैं। वे सितंबर, 2016 में हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस एकेडमी में एक कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से बहस कर बैठे थे। इससे उन्हें पुलिस एकेडमी से जबरन निकालकर जयपुर भेज दिया गया था।
कुछ अरसे पहले वे पुलिस मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान एडीजी पीके सिंह से पुलिस अधिकारियों की संपत्ति को लेकर उलझ गए थे। इसके अलावा अपने क्वार्टर पर नाबालिग बच्चों से काम करवाने को लेकर भी उंगलियां उठी थी। वहीं, वैशाली नगर स्थित अपने घर पर एक मजदूर की बाइक रखने को लेकर भी विवाद में घिर गए थे।