अफराजुल लाइव मर्डर मामले को लेकर आरोपी शंभूलाल के समर्थन में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर मुहिम छेड़ रखी है। ये समर्थक वीडियो व मेसेज अपलोड कर आरोपी शंभूलाल और मृतक अफराजुल के फोटो के साथ तल्ख टिप्पणीयां भी लिख रहे हैं।
गौरतलब है कि राजसमंंद में 6 दिसंबर को बिल्डिंग ठेकेदार अफराजुल की नृशंस हत्या का आरोपी शंभूलाल रैगर ने लाइव वीडियो बनाया था। शंभुलाल ने लव जिहाद और देशभक्ति को लेकर भी भड़काऊ बातों के वीडियो जारी किए थे। हालांकि शंभूलाल पुलिस रिमांड पर है, लेकिन सोशल मीडिया ने पुलिस की नींद हराम की हुई है।
माहौल गरमाता देख पुलिस ने सोशल मीडिया पर शंभूलाल का समर्थन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। पुलिस ने ऐसे ही दो आरोपियों को आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
इन्होंने समर्थन में किए वीडियो लोड
वीडियो फुटेज में आरोपी शंभूलाल रैगर
- फोटो : Amar Ujala
उदयपुर रेंज आईजी आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि गौरव गो रक्षा संस्थान के अध्यक्ष पिपरोली मावली निवासी पिंटू और शोभागपुरा, उदयपुर के रहने वाले कैलाश को मावली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि राजसमंद में अफराजुल की नृशंस हत्या के मामले में शंभूलाल रैगर की गिरफ्तारी के बाद इन दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया पर शंभूलाल रैगर के कृत्य का समर्थन करते हुए वीडियो व फोटो अपलोड किए थे।
आईजी श्रीवास्तव के मुताबिक एेसी बातों से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। इस प्रकार की शिकायतें मिलने पर विशेष पुलिस टीमें गठित कर ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
पकड़े जाने पर शंभूलाल ने किया यह खुलासा
आरोपी शंभूलाल रैगर
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो वायरल होने बाद पुलिस ने आरोपी शंभूलाल को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में हत्या का नृशंस वीडियो बनाने वाले शंभूलाल के नाबालिग भांजे को भी पकड़ा था। पूछताछ में उसने किसी परिचित लड़की को भगाने में अफराजूल की भूमिका का जिक्र किया था।
वहीं, शंभूलाल ने कहा था कि उसने लड़की की बरामदगी के लिए उसके परिवार की मदद की थी। तब से ही उसके परिवार को धमकियां दी जा रही थी। हालांकि राजसमंद पुलिस ने शंभूलाल के इन बयानों को गलत बताते हुए केस की बारीकी से जांच करने की बात कही थी।