खाना बन गया हो तो ले आओ, मुझे भूख लगी है। कोटा जेलर बत्तीलाल मीणा के इस फरमान का मतलब कुछ अलग था। इसके चलते वे सलाखों के पीछे पहुंच गए।
कोटा सेंट्रल जेल के कार्यवाहक जेलर बत्तीलाल मीणा इस कोड वर्ड में रिश्वत की मांग करते थे। उन्हे एसीबी ने सोमवार की रात 12500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसके बाद मंगलवार को कोटा जेल पर छापा मारा गया और कई अहम तथ्य जुटाए गए। इस छापे में 50 से अधिक आरएसी के जवान तथा कई आला अफसर शामिल थे। मीणा द्वारा कैदियों के परिजनों से पैसे लेने की शिकायत मिल रही थी। पैसे लेने के बदले वे कैदियों को जेल भी ही सुख—सुविधाएं मुहैया करवाते, जिसमें उन्हें परेशान नहीं करना भी शामिल था।
एसीबी के एसपी किरण कंग ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से जेलर द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायतें मिल रही थीं। इसकी जांच के बाद पता लगा कि डिप्टी जेलर बत्ती लाल मीणा रंगबाड़ी निवासी दलाल राजू उर्फ हंसराज के साथ मिलकर जेल में रिश्वत लेने का काम कर रहा है।
छापे के दौरान टीम ने बीती रात बत्तीलाल जेल के बाहर सड़क पर दलाल राजू से रुपए लेते समय धर लिया। इसी दौरान टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
जब भी बत्तीलाल की डील को लेकर राजू से बात होती, तो उनका कोडवर्ड था, खाना बन गया हो तो ले आओ मुझे भूख लगी है। अब एसीबी दोनों से पूछताछ कर रही है।