कोटा यूआईटी में रिश्वतखोरी का खेल उजागर हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक आॅटोरिक्शा चालक से पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते वक्त एक जेईएन को रंगे हाथों पकड़ लिया। जेईएन ने यह रिश्वत एक निर्माणाधीन मकान के मौका रिपोर्ट बनाकर एनओसी जारी करने की एवज में ली थी।
एसीबी कोटा की स्पेशल टीम ने यह कार्रवाई एएसपी चंद्रशील ठाकुर के नेतृत्व में की गई। एएसपी ठाकुर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विमल माहेश्वरी कोटा यूआईटी में जेईएन है। उसके खिलाफ आॅटोरिक्शा चालक राजेन्द्र राठौड़ ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी।
जिसमें बताया कि उसके निर्माणाधीन मकान की मौका रिपोर्ट व एनओसी देने की एवज में जेईएन विमल माहेश्वरी रिश्वत में 7 हजार मांग रहा है। परिवादी आॅटोरिक्शा चालक राजेंद्र सिंह को मकान पर लोन चाहिए था। इसके लिए उसे एनओसी की जरुरत थी।