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रिश्वतखोरी का खेल : 5 हजार देते ही कागजों के ढेर में दबी फाइल आ गई ऊपर

Thu, 04 Jan 2018 04:51 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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bribe - फोटो : Demo pic
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कोटा यूआईटी में रिश्वतखोरी का खेल उजागर हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक आॅटोरिक्शा चालक से पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते वक्त एक जेईएन को रंगे हाथों पकड़ लिया। जेईएन ने यह रिश्वत एक निर्माणाधीन मकान के मौका रिपोर्ट बनाकर एनओसी जारी करने की एवज में ली थी।
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एसीबी कोटा की स्पेशल टीम ने यह कार्रवाई एएसपी चंद्रशील ठाकुर के नेतृत्व में की गई। एएसपी ठाकुर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विमल माहेश्वरी कोटा यूआईटी में जेईएन है। उसके खिलाफ आॅटोरिक्शा चालक राजेन्द्र राठौड़ ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। 

जिसमें बताया कि  उसके निर्माणाधीन मकान की मौका रिपोर्ट व एनओसी देने की एवज में जेईएन विमल माहेश्वरी रिश्वत में 7 हजार मांग रहा है। परिवादी आॅटोरिक्शा चालक राजेंद्र सिंह को मकान पर लोन चाहिए था। इसके लिए उसे एनओसी की जरुरत थी।
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कागजों के ढेर में दबी फाइल तुरंत टेबल पर

bribe - फोटो : Demo pic
शिकायत के सत्यापन के बाद आज एसीबी ने जेईएन विमल माहेश्वरी को 5000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। परिवादी राजेंद्र सिंह ने बताया कि कई दिन यूआईटी के चक्कर लगाने पर भी एनओसी नहीं मिली तब वह अपने साथी के साथ जेईएन विमल माहेश्वरी से मिला था।

तब उसने 7 हजार रुपए मांगे लेकिन सौदा 5 हजार रुपए में तय हुआ। ऐसा करते ही कागजों के ढेर में दबी उसके मकान की फाइल तुरंत टेबल पर आ गई। एसीबी की कार्रवाई से यूआईटी में हड़कंप मच गया। वहां काफी भीड़ इकट्ठठा हो गई।  



 
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