भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बीते वर्ष 2017 में भ्रष्टाचार से संबंधित 400 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। इनमें सर्वाधिक मामले पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुए है।
एसीबी डीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस विभाग से संबंधित सबसे ज्यादा 83 प्रकरण दर्ज हुए है। जिनमें 82 अराजपत्रित कार्मिक तथा एक राजपत्रित अधिकारी के खिलाफ दर्ज हुआ है। इसी प्रकार पंचायतीराज एवं राजस्व विभागों से संबंधित 57-57, नगरीय विकास एवं हाउसिंग के 39, ऊर्जा विभाग के 30, चिकित्सा के 19, शिक्षा विभाग के 11, आबकारी के 10, विश्वविद्यालयों के 8, परिवहन एवं कृषि विभाग के 7-7, सहकारिता के 6 एवं रसद विभाग के 5 अधिकारी-कार्मिकों के खिलाफ प्रकरण पंजिबद्ध किए गए हैं। अन्य विभागों से संबंधित 65 प्रकरण दर्ज किए गए।
76 प्रकरणों में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के चालान पेश
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इस दौरान रिश्वत के 291 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें से 42 प्रकरण में राजपत्रित अधिकारी व 249 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुए है। इसी तरह आय से अधिक सम्पति अर्जित करने से दर्ज 15 अभियोगों में छह राजपत्रित अधिकारी व नौ प्रकरणों में अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किए गए।
पद के दुरुपयोग संबधी दर्ज 98 प्रकरणों में 48 राजपत्रित अधिकारी व 50 अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किए गए। डीजी ने बताया कि उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार एसीबी ने 276 प्रकरणों में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ चालान एवं 92 प्रकरणों में एफआर कोर्ट में प्रस्तुत की है।
96 राजपत्रित एवं 308 अराजपत्रित कार्मिक
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वर्ष में 23 प्राथमिक जांच दर्ज की गई एवं पूर्व के वर्षों में दर्ज प्राथमिक जांचों सहित कुल 60 प्राथमिक जांचों का निस्तारण किया गया तथा 366 परिवाद दर्ज कर 240 परिवादों का निस्तारण किया गया। त्रिपाठी ने बताया कि गुजरे साल में दर्ज 404 प्रकरणों में 96 राजपत्रित अधिकारी एवं 308 अराजपत्रित कार्मिक शामिल है।
पुलिस विभाग में एक राजपत्रित अधिकारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है, वहीं विश्वविद्यालयों से संबंधित सभी आठों प्रकरण राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। पंचायत राज एवं राजस्व विभागों से संबंधित 4-4, नगरीय विकास एवं हाउसिंग के 14, ऊर्जा विभाग के 5, चिकित्सा के 13, शिक्षा विभाग के 6, आबकारी के 2, परिवहन के 2, कृषि विभाग के 1, सहकारिता के 3, रसद विभाग के 4 एवं अन्य विभागों से संबंधित 29 राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण पंजिबद्ध किए गए हैं।
त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस विभाग के 82, पंचायत राज एवं राजस्व विभागों से संबंधित 53-53, नगरीय विकास एवं हाउसिंग तथा ऊर्जा विभाग के 25-25, चिकित्सा के 6, शिक्षा विभाग के 5, आबकारी के 8, परिवहन के 5, कृषि विभाग के 6, सहकारिता के 3, रसद विभाग के 1 एवं अन्य विभागों से संबंधित 36 अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण पंजिबद्ध किए गए हैं।