जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता आयुष
- फोटो : amar ujala
मूसलाधार बारिश से नाले के तेज बहाव में बहने वाले आयुष गर्ग की लाश आखिरकार आज गुर्जर की थड़ी के पास मिल गई। यह लाश नाले के किनारे दलदल और गंदगी के ढेर के बीच पानी में उपर नजर आई। तब आपदा प्रबंधन और सिविल डिफेंस की टीम ने बमुश्किल आयुष की लाश को बाहर निकाला। इस दौरान काफी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। आयुष के परिजन भी वहां पहुंच गए।
सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर जगदीश रावत और सीएफओ जलज घसिया के नेतृत्व में शहर के आपदा प्रबंधन की टीम सात दिनों से आयुष के शव की तलाश में जुटी हुई थी। खुद जयपुर कलेक्टर सिद्दार्थ महाजन इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे। युवक की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे व स्निफर डॉग्स की मदद भी ली गई।
इसी बीच, आयुष के परिजन और रिश्तेदारों ने टोंक रोड पर दो बार रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया था। प्रशासनिक असफलता पर आक्रोश व्यक्त किया था। जिसमें पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर कुछ लोगों को पकड़ा भी था।
वह तेज बहाव में बह गया, इसके बाद.....
शव को नाले से बाहर निकालकर लाते आपदाकर्मी
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आयुष के परिजनों ने प्रशासन के राहत कार्यों से उम्मीद छोड़ चुके है और अब खुद पंडित और तंत्र—मंत्र करने वाले पंडितों की मदद भी ली। वे कल ऐसे पंडितों को उस जगह भी लेकर गए जहां आयुष अपनी कार में नाले में बह गया था। गौरतलब है कि जयपुर में बरकत नगर किसान मार्ग निवासी आयुष गर्ग 25 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन करतारपुरा नाला पुलिया से गुजर रहा था।
उस दिन तेज बारिश से नाले में तेज बहाव था। इससे आयुष की कार भी तेज बहाव में नाले में गिर गई। तब आयुष ने कार से निकलकर बाहर निकलने की पूरी कोशिश की। वह कार के बोनट पर चढ़ गया। लेकिन नाले के तेज बहाव में कार फिर से पलट गई और तब आयुष का हाथ कार से छूट गया। इसके बाद वह तेज बहाव में बह गया। इसके बाद उसका पता नहीं चला और तब से ही आपदा प्रबंधन की टीम उसे तलाशने में जुटी हुई थी।