राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे दो प्रेमी जोड़ों की सजा को स्थगित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हत्या के आरोपी रामवीर गुर्जर और उसकी प्रेमिका कुसुमा की आजीवन कारावास की सजा को अपील के लंबित रहने तक स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दोनों अभियुक्तों की अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।
मामले के अनुसार अक्टूबर 2015 में भरतपुर की बजरंग कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर सतीश जाट कि उसकी पत्नी कुसुमा ने अपने प्रेमी रामवीर गुर्जर के साथ मिल कर हत्या कर दी थी। प्रकरण में डीजे भरतपुर ने दोनों अभियुक्तों को जून 2017 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस आदेश को अभियुक्तों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई।