डॉक्टर की कथित लापरवाही से रिटायर्ड डीजीपी की मौत के 18 साल पुराने मामले में कोर्ट ने डॉक्टर को राहत दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश एसपी शर्मा ने इस मामले में निजी अदालत द्वारा लिए गए प्रसंज्ञान के आदेश को रद्द कर दिया है। कालिया की मौत 1999 में हुई थी। इसमें चिकित्सकीय लापरवाही की बात सामने आई थी। जिसके बाद मृतक के पुत्र रमेश कालिया ने तत्कालीन मुख्यमंत्री को परिवेदन पेश किया था और मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए आईएएस अधिकारी सुधीर भार्गव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इस कमेटी ने इस मामले में एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के तत्कालीन एचओडी डॉ.आर.के.माधोक को दोषी माना। इस पर कालिया ने चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस की ओर से अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के आधार पर एफआर पेश की गई। इस पर अदालत ने कालिया की प्रोटेस्ट पिटिशन पर सुनवाई करते हुए डॉ. के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया। इस आदेश को माधोक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।