कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में मंत्री राठौड़
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पिछले दो सालों में राजस्थान शौचालय निर्माण में देश में अव्वल रहा है। यह कहना था ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ का। वे शुक्रवार को शासन सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस के तहत आयोजित ओरिएंटेशन एण्ड सेंसिटाइजेशन कार्यशाला के पहले सत्र में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्ष में राजस्थान शौचालय निर्माण में देशभर में अव्वल रहा है और राष्ट्रीय प्रतिशत 64 के मुकाबले हमने 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। राठौड़ ने कहा है कि राजस्थान को दिसम्बर 2017 तक ही खुले में शौच मुक्त बनाना है। पहले यह लक्ष्य अक्टूबर 2018 तक पूरा करना था लेकिन अब हमें मिशन मोड पर काम करते हुए यह लक्ष्य इस वर्ष के अन्त तक ही हासिल करना है।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि केन्द्र से योजना राशि की द्वितीय किश्त प्राप्त करने के लिए अब तक हुए कामों का वेरिफिकेशन, जियोटेगिंग, कार्य पूर्णता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों की जानकारी अपलोड कराने सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करना तय करें। उन्होंने कहा कि वेरिफिकेशन के काम में तेजी लाएं ताकि जहां शौचालय निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, उन पंचायतों तथा जिलों को शीघ्र ओडीएफ घोषित किया जा सके। उन्होंने जिला कलक्टर्स को सामुदायिक शौचालयों के प्रस्ताव भिजवाने के भी निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन के संयुक्त सचिव अरुण बारोका ने कहा कि जो भी जिला खुले में शौच मुक्त होगा, सम्बन्धित जिला कलेक्टर को इसका स्वहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र निर्धारित वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए आईईसी गतिविधियों पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।
उधर, बैठक के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, रिसर्जेंट राजस्थान एवं ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ से सम्बन्धित द्वितीय सत्र में उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि राजस्थान ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग के मामले में लीडर स्टेट बन गया है। उन्होंने कहा कि निवेश एवं औद्योगिक वृद्धि के लिए यह सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए रिसर्जेंट राजस्थान, ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट तथा अन्य माध्यमों के जरिए आए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए जिला स्तर पर लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें। साथ ही नए निवेश प्रस्तावों के लिए उद्यमियों को प्रेरित करें।