मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन के बाद अब राजस्थान में किसान 15 जून से महापड़ाव डाल रहे हैं। इस महापड़ाव को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। एक तरफ बीजेपी के नेता किसानों के हितों की रक्षा की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने सरकार पर सीधा निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में किसान बदहाल हो चुके हैं। पायलट ने कहा कि राजस्थान में 61 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। यह सरकार किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान को राहत देने में नाकाम रही है। सरकारें किसान की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदाने में नाकाम रही है। सचिन ने सरकार पर अपनी पूरी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों में कुछ नहीं कर पा रही है और अब जब हालात बिगड़ रहे हैं, तो फिर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को कोस रही है।
सचिन पायलट ने कहा कि सरकार को किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाना चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पचास फीसदी तक लाभांश दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। दोनों जगह सरकारें होने के बावजूद अब तक किसानों की बदहाली के लिए वे पता नहीं क्यों कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वे किसानों की भलाई के लिए कुछ नहीं कर रहे।
पायलट के अनुसार कांग्रेस मांग करती है कि राजस्थान के किसानों का भी कर्ज माफ किया जाना चाहिए। प्रदेश में कांग्रेस 33 जिलों में मुख्यालयों पर बुधवार को धरना प्रदर्शन करेगी।