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बाढ़ पीड़ितों के आंसू मेरे आंसू, हालात देखकर बोलीं मुख्यमंत्री

Mon, 31 Jul 2017 07:19 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करती सीएम राजे
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बाढ़ पीड़ितों का हाल देखकर सीएम भावुक हो गईं और कहा कि बाढ़ पीड़ितों के आंसू मेरे आंसू हैं।
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राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम चार जिलों में बाढ़ के हालातों के चलते मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज जालोर और सिरोही का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों और अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। जालोर एवं सिरोही में अधिकारियों की बैठक में राजे ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों का दर्द मेरा दर्द है, उनके आंसू मेरे आंसू हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को अतिशीघ्र राहत पहुंचाना मेरी पहली प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब से प्रदेश के ये जिले भारी बारिश के कारण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे है तब से वे एक क्षण के लिए भी लोगों की तकलीफ से खुद को दूर नहीं कर पाई हैं और राहत कार्यों की पल-पल जानकारी ले रही हैं।
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उन्होंने कहा कि गत शनिवार को भी वे बाढ़ प्रभावित लोगों की तकलीफ जानने निकली थी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर आगे नही जा सका और न चाहते हुए भी वापस लौटना पड़ा।
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बाढ़ प्रभावितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए सीएम ने दिए ये निर्देश

बाढ़ प्रभावितों को हैलिकॉप्टर में रेस्क्यू कर ले जाती सेना - फोटो : amar ujala
सीएम वसुंधरा राजे ने बताया कि अब तक 11 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वायु सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से 42 लोगों की जानें बचाई गई हैं।

उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए पोस मशीनों के बजाय ऑफलाइन व्यवस्था से राशन सामग्री के वितरण के निर्देश दिए। नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी करवाकर शीघ्र रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए ताकि राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से शीघ्र सहायता राशि प्राप्त की जा सके। 

उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को एक्सग्रेशिया अनुदान के रूप में 3800 रुपए की राशि ऑफलाइन वितरित करने के निर्देश दिए। राजे ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करने की अन्तिम तिथि को 31 जुलाई से 1 माह और बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा।

उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों तथा विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को भोजन तथा पानी का समुचित प्रबन्ध करने, क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलियाओं की मरम्मत का काम और तेज करने, बिजली, जल आपूर्ति, संचार की व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए।
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