प्रदेश की रियल हीरो के रूप में पहचान बनाने वाली रूपा की मदद के लिए अब मुख्यमंत्री ने मदद के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिसके बाद गांव की रूपा अब आसानी से अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी कर सकेगी।
दरअसल, मामला जयपुर जिले के चौमूं स्थित करेरी गांव की रहने वाली रूपा यादव से जुड़ा है। बचपन में ही बाल विवाह के बाद रूपा ने हिम्मत नहीं हारी और ससुराल जाकर अपनी पढ़ाई जारी रखी। यहां उसके ससुराल वालों ने भी उसे आगे पढ़ाने की पहल की थी। जिसके बाद रूपा ने इसी साल अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। घर का पूरा कामकाज करने के बाद भी रूपा ने इसी साल नीट एग्जाम 2017 में 603 अंक प्राप्त किए। जिसके चलते रूपा को आल इंडिया में 2283वीं रैंक मिली।
रूपा को बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए एडमिशन मिला। अब यहां रूपा की सामने हॉस्टल फीस और कॉलेज के अन्य खर्चे देने के लिए पैसे नहीं थे। इसका कारण रूपा के ससुराल वालों के सामने भी आर्थिक तंगी का होना था। इसके बाद जैसे ही इसकी सूचना सरकार तक पहुंची तो सीएम वसुंधरा राजे ने बीकानेर कलक्टर अनिल गुप्ता को रूपा की मदद के लिए निर्देश दिए।