अस्पताल में इलाज में लापरवाही देखने के मामले तो सामने आते रहे हैं, लेकिन किसी का बच्चा दूसरे को और दूसरे का बच्चा किसी को दे दें, तो क्या कहेंगे।
ये घोर लापरवाही सामने आई है राजस्थान के जोधपुर जिले में। यहां के मथुरादास माथुर अस्पताल के शिशु एवं जनाना विंग में आज अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रसूता को पहले बच्ची दी गई और कुछ देर बाद ही ये कहकर वापस ले ली गई कि वह उसकी नहीं है। उसकी बच्ची तो ये है जो हमारी गोद में है। ऐसा सुनते ही यहां दो प्रसुताओं के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का कहना था कि ये कोई मजाक नहीं चल रहा कि पहले दूसरी बच्ची दी गई और बाद में दूसरी। ऐसे में वे कैसे मानें कि अब जो बच्ची उन्हें दी गई है वह उनकी है। इसके बाद दोनों नवजात बच्चियों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से डीएनए जांच की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, जोधपुर के जनाना अस्पताल में बच्चे बदलने का ये चौथा मामला है। इससे पहले पुराने जनाना अस्पताल में भी तीन बार ऐसा हो चुका है।