करीब दस साल पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक पाकिस्तानी पत्रकार और दोस्तों के साथ अजमेर गए। उनका यह दौरा विवादों में भी आ गया। यह दौरा ऐसे समय किया गया जब कैप्टन सिंह पंजाब में चल रही विकास यात्रा में व्यस्त थे। बावजूद इसके वे अजमेर स्थित ख्वाजा की दरगाह पहुंचे। तीन दिन बाद पंजाब लौटे। कुछ इसी तरह की चर्चा हालिया एक किताब में की गई।
यह किताब जाने माने लेखक खुशवंत सिंह ने लिखी है। चर्चा है कि खुशवंत सिंह ने किताब 'कैप्टन अमरिंदर सिंह: द पीपल्स महाराजा' में इस बात का जिक्र किया है। इस किताब में कैप्टन सिंह के अपने दोस्तों के साथ अचानक पंजाब से गायब होकर अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह पहुंचने का जिक्र है। इसमें बताया गया है कि बात दस साल पहले यानी साल 2006 की है। अजमेर की इस यात्रा में वे अकेले नहीं थे, उनके साथ उनके कुछ दोस्त भी थे, जिनमें पाकिस्तानी भी थे। इन्हीं दोस्तों में से एक थी एक पाकिस्तानी पत्रकार, जिनका नाम अरुसा आलम (50) था।
अरुसा और अमरिंदर का नाम एक साथ लिया गया तो राजनीति हलकों व परिवार में उनके लिए नाराजगी भी देखने को मिली। अरुसा साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसिएशन की इस्लामाबाद चैप्टर की हैड थी। मीडिया पर भी ये खबरें चर्चा में रही।
गौरतलब है कि अमरिंदर सिंह हाल ही में जब दूसरी बार पंजाब के सीएम बने तो उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को तो बुलाया ही साथही इस खास मेहमान को बुलाना भी नहीं भूले। ये मेहमान पाकिस्तानी पत्रकार अरुसा आलम ही थी। कहा जाता है कि अरुसा आलम और कैप्टन सिंह पहली बार साल 2004 में मिले थे, जब सिंह पाकिस्तान दौरे पर थे।