प्रदेश की राजधानी जयपुर में देशी दंगल तो हुआ लेकिन बेटियां बस दर्शक बनी रही। दंगल में उन्हें दो दो हाथ दिखाने का मौका नहीं मिल सका। पिछले दिनों कुश्ती को लेकर आई सुपरहिट फिल्म दंगल में भले ही लड़कियों को दंगल में लड़कों को पटखनी देते दिखाया हो पर जयपुर में लड़कियों को दंगल में नहीं उतारा गया।
मामला आमेर रोड स्थित प्रभातपुरी का खोला में कुश्ती का दंगल आयोजित किया गया। इस दंगल प्रतियोगिता में पुरुष पहलवानों को ही मौका मिला पर महिलाओं को महरूम रखा गया। आयोजन समिति के महामंत्री हनुमान साहू ने कहा कि दंगल में बीस पहलवानों की दस प्रतियोगिताएं हुई।
विजेता को जयपुरी केसरी के टाइटल के साथ ही इकत्तीस सौ रुपए का ईनाम भी दिया गया। महिलाओं को एंट्री नहीं दी गई। साहू ने माना कि ऐसा नहीं है कि महिला पहलवान नहीं है पर हम बुला ही नहीं पाए। उन्होंने बताया कि पहली बार यह दंगल हुआ था, महिलाएं केवल बतौर दर्शक ही मौजूद थी। अगली बार हम महिलाओं को भी बतौर प्रतियोगी शामिल करेंगे। गौरतलब यह भी है कि कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सुरेंद्र पारीक व पार्षद विक्रमसिंह तंवर भी मौजूद थ