एमडीएस यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कार्यक्रम
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घर संभालने के साथ ही यदि महिलाओं को विभिन्न तरह के प्रशिक्षण दिए जाएं तो महिलाएं पुरुषों पर हर तरह से भारी पड़ सकती हैं। यह कहना था अजमेर जिला प्रमुख वंदना नोगिया का। वंदना सोमवार को अजमेर के महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबन्ध केन्द्र की ओर से गगवाना गांव में आयोजित पन्द्रह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीनगर प्रधान सुनीता रावत, उद्यमिता केन्द्र के निदेशक प्रोफेसर बी.पी. सारस्वत एवं उप निदेशक डा. दीपिका उपाध्याय भी मौजूद थीं। रावत ने कहा कि हाथ का कौशल होना आज की बहुत बड़ी जरूरत है तथा महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने में इस तरह के कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण योगदान है।
उद्यमिता केन्द्र के निदेशक प्रोफेसर सारस्वत ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु कई योजनाएं प्रारम्भ की हैं। महिला की अपने परिवार में भागीदारी हो और उनकी राय से भी कार्य हों, इसके लिए भामाशाह योजना के जरिये घर की महिला को मुखिया बनाया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में स्वरोजगार की भावना को जागृत करना एवं स्वावलम्बन के लिए प्रेरित करना है।