देशभर के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए रविवार को सीबीएसई की ओर से नीट 2017 की परीक्षा आयोजित की गई। राजस्थान में जयपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर में परीक्षा केंद्र बनाए गए। करीब करीब सभी जगहों पर विद्यार्थियों ने जरूरत से ज्यादा सख्ती होने की शिकायत की।
छात्रों का कहना था कि नकल रोकने के लिए सीबीएसई ने इस तरह की इंतजाम कर दिए कि तेज धूप और तपते फर्श पर होकर जाना पड़ा। जयपुर के वैशाली नगर, झोटवाड़ा, शास्त्री नगर समेत कई इलाकों में इसी तरह की नजारे देखने को मिले। परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों पहुंचे तो उनकी सघन जांच की गई। यहां तक की चुन्नी, कानों की बालियां और हाथों में बांधी गई मोली तक खुलवाई ली गई। इस बारे में सीबीएसई ने पहले गाइड लाइन जारी कर दी थी। कुछ केंद्रों पर मैटल डिटेक्टर से भी जांच की गई।
सबसे ज्यादा परेशानी तब आई जब छात्रों के जूते केंद्र से कुछ मीटर की दूरी पर ही खुलवा लिए गए। अब ऐसे में छात्रों को तपती जमीन पर चलके जाने में खासी परेशानी हुई। विद्यार्थियों के साथ आए परिजनों ने भी जहां अपना रोष व्यक्त किया, उन्होंने जूते नहीं खुलवाने की गुजारिश की। परीक्षा सुबह साढ़े सात बजे शुरू हो गई। परीक्षा देने के निकले विद्यार्थियों ने कैमेस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर को आसान बताया। उन्होंने कहा कि फिजिक्स का पेपर इन दोनों की तुलना में कठिन था, वही कटऑफ तय करेगा।