मेयो कालेज में प्रिंसिपल को हटाने का मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा है। दिन में मामले के समाधान के आसार नजर आए थे, लेकिन एक बार फिर से मामला उलझता दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो सुबह से छात्राएं अब तक भूख हड़ताल पर बैठी हैं। वे कालेज प्रिंसिपल कंचन खांडके की सेवाएं समाप्त करने का विरोध कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक मेयो कालेज की गवर्निंग बॉडी की 25 मार्च को हुई बैठक में कालेज प्रिंसिपल कंचन खांडके की सेवाएं समाप्त करने की बात कह दी गई। प्रिंसिपल को अंतिम कार्य करने की तिथि 30 अप्रेल दी गई। छात्राओं को बोर्ड की यह मनमानी नहीं भायी। छात्राओं ने अचानक प्रिंसिपल को यूं हटाए जाने का विरोध करने की ठानी और सोमवार सुबह से ही भूख हड़ताल कर दी। प्रिंसिपल अॉफिस के बाहर छात्राओं ने डेरा डाल लिया। वहां नारेबाजी की और सुबह के नाश्ते का बहिष्कार कर दिया। छात्राओं का कहना था कि जब तक बोर्ड जब तक अपने फैसले को वापस नहीं ले लेता तब तक वे कुछ नहीं खाएंगी।
उधर, मामला बढ़ता तक गवर्निंग बोर्ड के दो सदस्य पृथ्वीसिंह व रिकी बन्ना भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से समझाइश करने की कोशिश की। इस बीच कालेज प्रिंसिपल भी वहां पहुंच गई। समझाईश के बाद कुछ छात्राओं ने तो खाना खा लिया, लेकिन कुछ ऐसी भी थी जो अपने अनशन पर बैठी रहीं। बोर्ड ने कंचन की जगह नई प्रिंसिपल दिव्या को नियुक्त किया है। बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक प्रिंसिपल को लेकर पिछले कुछ दिनों से शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद ये कदम उठाया गया है।