प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए धौलपुर विधानसभा का उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया हैं। ओम प्रकाश माथुर का पार्टी और प्रदेश में तेजी से बढ़ता कद और शीर्ष नेतृत्व का अपने में भरोसा बनाए रखने के लिए राजे इस चुनाव को जीतने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
राजे स्वयं शुक्रवार को धौलपुर में इस चुनाव से सबंधित कई फीडबैक मीटिंग करेंगी। इससे पूर्व उनकी सरकार के दिग्ग्ज मंत्री और कई नेता यहां चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए है। गौरतलब है कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा इस चुनाव को काफी महत्वपूर्ण मान रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि भाजपा इस उपचुनाव के बड़े अंतर से नहीं जीत पाती है, तो अगले चुनाव में वसुधंरा राजे को अपनी कुर्सी बचाना काफी मुश्किल हो जाएगा।
विरोधाभास की आती रहीं है खबरें
गौरतलब है कि वसुंधरा राजे और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच हमेशा से ही विरोधाभास की खबरें आती रही है। अब जब देश में मोदी लहर एक बार फिर से देखी जा रही है तो माना जा रहा है कि मोदी—शाह के करीबीयों को भाजपा शासित प्रदेशों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
इस कारण राजस्थान में ओम प्रकाश माथुर और सुनील बंसल जैसे नाम वसंधरा राजे के लिए परेशानी खड़ी कर सकते है। इसलिए भी धौलपुर विधानसभा का उपचुनाव मुख्यमंत्री के लिए काफी अहम हो जाता है।