भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का सीपी जोशी
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भाजपा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने प्रदेश के दौरे शुरू कर भाजपा कि कमान अपने हाथों में लेनी शुरू कर दी है। जोशी ने दो ही दिन में टोंक, कोटा चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़ की यात्रा और कार्यकर्ताओं को संदेश देने का काम किया। जोशी का सभी जिलों में स्वागत किया गया और भारी संख्या में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा भी लगा, भाजपा में चर्चा जोरों पर है कि जोशी के आने से प्रदेश भाजपा इकाई में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। भाजपा में कई दिग्गज नेताओं का कहना है कि सीपी जोशी सबको साधने में माहिर हैं।
जोशी ने प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने से लेकर सभी जिलों की यात्रा के दौरान एक ही संदेश पर जोर दिया है। जोशी कार्यकर्ताओं से हर संबोधन में कह रहे हैं कि सिर्फ पांच ही नारे लगाने हैं, भारत माता की जय, वंदे मातरम, मोदी जिंदाबाद, अमित शाह जिंदाबाद और जेपी नड्डा जिंदाबाद। इनके अलावा किसी के भी नारे नहीं लगाए जाएं। दूसरा संदेश जो जोशी कार्यकर्ताओं को दे रहे हैं वो है कि पोस्टर, बैनर पर किसी की तस्वीरें नहीं होगी सिर्फ कमल का निशान और प्रधानमंत्री मोदी का ही चेहरा होना चाहिए।
यू तो संदेश बड़े आम से नजर आ रहे हैं, परंतु जानकर इनके पीछे छिपा केंद्र का बड़ा संदेश बता रहे हैं। भाजपा के जानकर कह रहे हैं कि अध्यक्ष स्पष्ट कर रहे हैं कि केंद्र ने राजस्थान को उनके माध्यम से अपने कब्जे में ले लिया है। अब राजस्थान भाजपा की राजनीति में वही होगा जो केंद्र तय करेगा। जोशी का फैसला जिसमें उन्होंने खुद के नारे और फोटो को भी दरकिनार कर दिया है, तो कोई भी अन्य नेता यह काम नहीं कर पाएगा। अगर किसी ने किया तो वो पार्टी की लाइन से अलग काम करने का दोषी ठहराया जा सकता है।
जोशी जो संदेश केंद्र से लेकर आए हैं और राजस्थान में कार्यकर्ताओं को दे रहे हैं। स्पष्ट है कि भाजपा में सिर्फ एक ही नेतृत्व है जो दिल्ली से चलेगा। प्रदेश की भाजपा जो लंबे समय से नेतृत्व को लेकर चिंतित नजर आती थी, किसकी सुने? किसको चुने? अब स्थिति स्पष्ट है कि किसकी सुने और किसको चुने।
सीपी जोशी के प्रदेश अध्यक्ष बनाने से यह स्पष्ट है कि 2023 के चुनाव की पूरी कमान केंद्र के हाथों में होगी और केंद्र ही तय करेगा कौन क्या जिम्मेदारी निभाएगा।