सत्तासीन राजनेताओं को हार जल्दी से रास नहींं आती है। जब वे हार जाते है तो विरोधियों पर हार का ठीकरा फोड़ते है। लेकिन भाजपा की राजस्थान सरकार के श्रम मंत्री तो विरोधियों से भी आगे बढ़कर आम लोगों पर हार का गुस्सा निकाल रहे है। दरअसल पिछले माह हुए अलवर लोकसभा के उपचुनाव भाजपा ने वर्तमान सरकार में श्रम मंत्री डॉ जसवंत सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन इन उपचुनाव में उन्हें करीब दो लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद हार से गुस्साए मंत्री ने अपने ही विधानसभा क्षेत्र बहरोड़ में करीब 85 लाख के विकास कार्यों को निरस्त करने की अभिशंसा कर दी है।
लोगों में मंत्री को लेकर नाराजगी
डॉ जसवंत यादव
हैरानी की बात यह है कि मंत्री की इस अभिशंसा को जिला परिषद अलवर ने भी तुरंत स्वीकृत कर दिया है। श्रम मंत्री डॉ जसवंत यादव ने विशेष बहरोड़ के उन वार्डों और ग्राम पंचायत के कार्य निरस्त करवाए है जहां हार का अंतर सबसे अधिक था। गौरतलब है कि बहरोड़ से ही डॉ यादव विधायक भी है। वहीं श्रम मंत्री की यह बदले की कार्रवाई आम लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। आम जन में इस बात का गुस्सा है कि कोई मंत्री या विधायक इस तरह के बदले की कार्रवाई कैसे कर सकता है।