राजस्थान में बीजेपी विधायक रामलाल शर्मा ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रहते हुए जो भी मामले होते हैं। उन मामलों में अधिकारियों की बिना जांच किए सजा देने का काम किया जाता है। प्रदेश में कई ऐसे मामले हुए, जिसमें अधिकारियों का कोई दोष नहीं था। फिर भी उन्हें बलि का बकरा बनाया गया।
विधायक रामलाल ने कुछ मामलों का जिक्र करते हुए बताया, गोपालगढ़ कांड में अधिकारियों की बिना गलती के ही उन्हें सजा मिली। जयपुर में अधिवक्ताओं के आंदोलन में भी अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया गया। वहीं, टोंक जिले के निवाई में डिप्टी एसपी और एसएचओ को सजा मिली। इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम किया। इसमें रास्ता रोकने के लिए प्रोत्साहित करने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया।
विधायक ने कहा, अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाते हुए अधिकारी अपना काम नहीं करेंगे तो आने वाले समय में अराजकता का माहौल बनेगा। राजस्थान में पहले से ही कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं। उन अधिकारियों का मनोबल अगर इसी तरीके से गिरता है तो मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आने वाले समय में कोई भी अधिकारी रिस्क लेने का काम नहीं करेगा। आवश्यकता इस बात की है कि गुनहगार को सजा मिले और हकदार को सम्मान मिले। इस प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के ऊपर सरकार काम करेगी तो अधिकारियों का मनोबल बना रहेगा।